argala stotram the mantra of maa durga

अर्गला स्तोत्रम् माँ दुर्गा का मंत्र

अर्गला स्त्रोत माँ दुर्गा का दिव्य मन्त्र है जिसमें भगवती माँ दुर्गा की काम क्रोध और शत्रुओं का नाश करने वाली महादेवी के रूप में देवी की विजय गाथा का वर्णन किया गया है. महिषासुर नामक दैत्य का वध, रक्त बीज राक्षस का वध, शुम्भ निशुम्भ दानवों का वध आदि ऐसे बहुत से असुरों के वध का वर्णन अर्गला स्त्रोत्रम में है. 

अर्गला स्त्रोत के पाठ करने वाले प्राणी को देवी माँ दुर्गा की कृपा से संपत्ति प्राप्त होती है, उसके शत्रुओं का नाश होता है और माता रानी की कृपा से वह धनवान होता है. अर्गला स्त्रोत का पाठ करने वाले प्राणी का परिवार उत्तम सुखों को प्राप्त करता है और समाज में भी उसे विशेष प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है. 

अर्गलास्तोत्रम

जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतापहारिणि ।
जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोऽस्तु ते ॥1॥

जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी ।
दुर्गा शिवा क्षमा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते ॥2॥

मधुकैटभविध्वंसि विधातृवरदे नमः ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥3॥

महिषासुरनिर्नाशि भक्तानां सुखदे नमः ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥4॥

धूम्रनेत्रवधे देवि धर्मकामार्थदायिनि ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥5॥

रक्तबीजवधे देवि चण्डमुण्डविनाशिनि ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥6॥

निशुम्भशुम्भनिर्नाशि त्रैलोक्यशुभदे नमः ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥7॥

वन्दिताङ्घ्रियुगे देवि सर्वसौभाग्यदायिनि ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥8॥

अचिन्त्यरूपचरिते सर्वशत्रुविनाशिनि ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥9॥

नतेभ्यः सर्वदा भक्त्या चापर्णे दुरितापहे ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥10॥

स्तुवद्भयो भक्तिपूर्वं त्वां चण्डिके व्याधिनाशिनि ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥11॥

चण्डिके सततं युद्धे जयन्ति पापनाशिनि ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥12॥

देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि देवि परं सुखम् ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥13॥

विधेहि देवि कल्याणं विधेहि विपुलां श्रियम् ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥14॥

विधेहि द्विषतां नाशं विधेहि बलमुच्चकैः ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥15॥

सुरासुरशिरोरत्ननिघृष्टचरणेऽम्बिके ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥16॥

विद्यावन्तं यशस्वन्तं लक्ष्मीवन्तञ्च मां कुरु ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥17॥

देवि प्रचण्डदोर्दण्डदैत्यदर्पनिषूदिनि ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥18॥

प्रचण्डदैत्यदर्पघ्ने चण्डिके प्रणताय मे ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥19॥

चतुर्भुजे चतुर्वक्त्रसंस्तुते परमेश्वरि ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥20॥

कृष्णेन संस्तुते देवि शश्वद्भक्त्या सदाम्बिके ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥21॥

हिमाचलसुतानाथसंस्तुते परमेश्वरि ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥22॥

इन्द्राणीपतिसद्भावपूजिते परमेश्वरि ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥23॥

देवि भक्तजनोद्दामदत्तानन्दोदयेऽम्बिके ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥24॥

भार्या मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम् ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥25॥

तारिणि दुर्गसंसारसागरस्याचलोद्भवे ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥26॥

इदं स्तोत्रं पठित्वा तु महास्तोत्र पठेन्नरः ।
सप्तशतीं समाराध्य वरमाप्नोति दुर्लभम् ॥27॥

Read more at headlineshunt :

  •     पलक सिधवानी का जीवन परिचय
  •     अदिति जेटली जडेजा वाइफ ऑफ अजय जडेजा
  •     रिवाबा जडेजा वाइफ ऑफ सर रविंद्र जडेजा
  •     केवी कुटीर कुमार विश्वास का इको फ्रेंडली घर
  •     शिल्पा शिरोडकर का जीवन परिचय
  •     श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव और उसका महत्त्व
  •     सपना चौधरी वाइफ ऑफ़ प्रवीण कुमार
  •     अनसूया सेनगुप्‍ता एन एक्ट्रेस एंड प्रोडक्शन डिज़ाइनर
  •     हनुमान भक्त महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम सरकार
  •     आयुष बडोनी का जीवन परिचय
  •     पितृ पक्ष में कौवें को खाना खिलाने का वैज्ञानिक महत्त्व
  •     ब्यूटीफुल मेहंदी डिज़ाइनस फॉर करवा चौथ
  •     भुवनेश्वर कुमार का जीवन परिचय
  •     प्रेमानंद जी महाराज श्री राधा जू के परम भक्त
  •     किस्सा सौरव गांगुली और डोना की शादी का