life story of doctor c p mathew

डॉ सी पी मैथ्यू का जीवन परिचय

डॉक्टर सी.पी.मैथ्यू वो नाम हैं, जो कभी कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के केंसर सर्जरी विभाग के हेड प्रोफेसर और फिर बाद में प्रिंसिपल के रूप में अपनी अद्भुद सेवाएं देने के बाद पद से सेवानिवृत हुए थे.

सेवानिवृति के बाद सी.पी.मेथ्यु विश्व के 50 देशों में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में कार्यरत रहे. सी.पी.मैथ्यू ने 60 वर्ष की आयु में एक बड़ा निर्णय वह सब भूलने का लिया जो कुछ भी उन्होने एलोपैथिक और अंग्रेजी शिक्षा और चिकित्सा पद्धति में सीखा था. फिर एक पारंपरिक वैद्य को इन्होने अपना गुरु बनाया और उनसे वैदिक विद्या एवं चिकित्सा पद्धति सीखी जिससे अनगिनत कैंसर रोगियों को ठीक किया. 

डॉ. सी.पी.मैथ्यू की वैदिक चिकित्सा से ठीक हुए मरीजों में कई तो ऐसे मरीज थे जिन्हें अमेरिका की प्रसिद्ध चिकित्सा संस्थान मेयो क्लीनिक ने भी जवाब दे दिया था.

बाद में डॉ. सी.पी.मैथ्यू ने हिन्दू धर्म की महानता और दिव्यता को देखकर इसे न केवल स्वीकार किया बल्कि अपना उपनयन संस्कार भी करवाया. साथ ही हिन्दू धर्म के वेदों और उपनिषदों का स्वाध्याय भी किया.

20 अक्तूबर 2021 को जब डॉ. सी.पी.मैथ्यू का निधन हुआ और अंतिम संस्कार के सभी क्रिया कर्म हिन्दू धर्मानुसार हुए तो केरल के किसी भी समाचारपत्र ने इनके देहावसान का समाचार नहीं छापा, क्योंकि डॉ. सी.पी.मैथ्यू ने ईसाई मत को छोड़कर सनातन धर्म स्वीकार कर लिया था.

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