premanand ji maharaj the great devotee of shri radha ju

प्रेमानंद जी महाराज श्री राधा जू के परम भक्त

प्रेमानंद जी का पूरा नाम संत श्री ह‍ित प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज है, और इनका बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था. प्रेमानंद जी महाराज मूलतः एक कथा वाचक हैं. वृंदावन में रहने वाले संत प्रेमानंद जी महाराज संत्संग के माध्यम से लाखों लोगों का मार्गदर्शन करते हैं. महाराज श्री प्रेमानंद जी श्री राधा रानी जू को अपनी ईष्ट और आराध्य मानते हैं और अपना जीवन श्री राधा रानी जू की भक्ति सेवा के लिए समर्पित कर दिया है.

प्रेमानंद जी महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर में सरसौल ब्‍लॉक के अखरी नामक गांव में एक संत परिवार में हुआ था. प्रेमानंद जी महाराज के पिता शंभू पांडेय, व माता श्रीमती राम देवी हैं. तो प्रेमानंद जी महाराज के गुरु जी का नाम श्री गौरंगी शरण जी महाराज है.  इनके पिता और दादा दोनों की सन्यासी थे. इनकी मां धर्म परायण थी. इनके माता-पिता साधु-संतों की सेवा करते थे और आदर सत्कार भी करते थे.

महाराज जी की रूचि आध्यात्म में बाल्यकाल से ही थी. वह श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी नाम का जप करते थे. इसी के चलते 13 वर्ष की बड़ी ही कम उम्र में ही वह घर त्याग करके वाराणसी चले गए थे. इसी दौरान उन्हें एक संत मिले जो, जिन्होंने प्रेमानंद जी को रास लीला में शामिल होने को कहा. इन लीलाओं से स्वामी प्रेमानंद जी महाराज इतने प्रभावित हुए कि अपने जीवन की आध्यात्मिक यात्रा को प्रेमानंद जी महाराज वृंदावन लेकर आ गए. 

वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज ने श्री राधा बल्लभ संप्रदाय में जाकर शरणागत मंत्र ले लिया जिसके कुछ दिनों बाद प्रेमानंद जी महाराज अपने गुरु जी को मिले. फिर प्रेमानंद जी महाराज ने अपने गुरु की 10 साल तक सेवा की. प्रेमानंद जी महाराज को सुनकर बड़े से बड़े पापी भी सत्य की राह पर चलने को मजबूर हो जाते है.

सन 2005 के आस पास उनकी दोनों किडनियां फेल हो गयी थी, और तभी डॉक्टरों ने इन्हें कह दिया था, कि आपका जीवन कभी भी समाप्त हो सकता है. मगर श्री राधा रानी की भक्ति में डूबे प्रेमानंद जी महाराज ने अपनी किडनीयों का नाम राधा और कृष्ण रख कर शारीरिक कष्टों को ईश्वर कृपा मानकर आध्यात्मिक चेतना को आत्मिक सुह्रदयता को बनाये रखा. प्रतिदिन डायलिसिस की प्रक्रिया से गुजरने वाले प्रेमानंद जी महाराज रोज सुबह 3 बजे वृंदावन की 3 से 5 किलोमीटर की परिक्रमा करते हैं.

इसे दैवीय चमत्कार ही कहा जायेगा कि आज लगभग 20 वर्षों के बाद भी महाराज जी अपनी दैनिक दिनचर्या और भक्ति अध्यात्म सरलता पूर्वक कर रहे हैं.

देश हो या विदेश प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन करने के लिए सभी जगहों से उनके भक्त से वृंदावन आते है, और उनका बहुत सम्मान भी करते हैं. प्रेमानंद जी   के भक्तों में सामान्य लोगों से लेकर विराट कोहली, अनुष्का शर्मा, बी प्राक जैसी कई मशहूर हस्तियां भी शामिल हैं. महाराज जी के हजारों भक्त उन्हें किडनी देने को तैयार हैं परंतु उनका कहना है कि जब तक उनकी श्रीजी राधा रानी चाहेंगी तब तक वह उनकी सेवा करेंगे लेकिन अपने लाभ के लिए किसी दूसरे को दुःख पहुंचा कर उससे अंग नहीं लेंगे.

प्रेमानंद जी महाराज का कहना है कि आजीवन विषम परिस्थितियों में भी प्रभु की सेवा करते रहने का प्रभु ने उनको सुनहरा फल दिया है कि न केवल इस जन्म में वह पूज्य हैं बल्कि नश्वर शरीर को त्यागने के पश्चात भी वह श्रीजी के चरणों मे स्थान पाएंगे.

प्रेमानंद जी महाराज का सानिध्य और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए देश विदेश के बड़े बड़े सेलेब्रिटी अक्सर वृंदावन धाम पहुंचते है. मशहूर क्रिकेटर विराट कोहली, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, फिल्म कलाकार आशुतोष राणा जैसी कई बड़ी हस्तियां उनसे मिलने जा चुकी है.     

जिसका हाथ स्वयं प्रभु जी ने थाम लिया उसको फिर किसी और सहारे की जरूरत नहीं, देश विदेश में प्रेमानंद जी महाराज की कीर्ति व यश ने फिर इस बात को स्थापित किया है.

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