vivek ramaswami a businessman of indian origin in hindi

भारतीय मूल के बिजनेस मेन विवेक रामास्वामी

अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी की और से राष्ट्रपति पद 2024 की दौड़ में निक्की हेली के साथ ही एक बड़ा नाम शामिल हुआ जिसकी खासियत यह थी कि वह एक भारतीय-अमेरिकी है, जी हाँ अमेरिकी टेक उद्यमी विवेक रामास्वामी ने जैसे ही 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए ताल ठोकी। अमेरिका में विवेक रामास्वामी की पॉपुलारिटी लगातार बढ़ने लगी। विवेक रामास्वामी को टाइम मैगज़ीन के द्वारा भी डोनाल्ड ट्रम्प के उत्तराधिकारी का बताया गया।

विवेक रामास्वामी ने सन 2021 में, अपने राजनीतिक करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए रोइवंत के सीईओ पद से रिटायरमेंट ले लिया था। 3 अगस्त 2023 को अपनी पहली रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद की प्राथमिक बहस के बाद रामास्वामी ने सबका ध्यान आकर्षित किया। बहस के बाद, अगस्त 2023 में पहले जनमत सर्वेक्षण में उनका प्रदर्शन बेहतर रहा और वह 12 अंक ऊपर बढ़ गए। 

जिसके बाद ओपिनियन पोल के नतीजों को लेकर विवेक रामास्वामी ने अपने आलोचकों के लिए कहा कि कुछ लोग उनकी ग्रोथ से खुश नहीं है इन लोगो को लगता हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए विवेक रामास्वामी अभी छोटे हैं। 

साथ ही लोकप्रिय H-1B वीजा प्रोग्राम की एक बार फिरसे आलोचना करते हुए कहा है कि मौजूदा लॉटरी सिस्टम को खत्म करने की आवश्यकता है और इसकी जगह योग्यता वाले स्किल कांसेप्ट को लाने की जरूरत है। यह अमेरिका की जरूरतों से मैच करने वाली एक आव्रजन योजना है। उनकी प्रमुख चुनावी अभियान घोषणायें योग्यता कांसेप्ट वापस लाने एवं चीन पर निर्भरता को रोकने जैसे बड़े संकल्प है।

अमेरिकन  मीडिया रिपोर्टस के अकॉर्डिंग, रामास्वामी के कठोर प्रस्तावों ने उन्हें भीड़ से अलग खड़े होने में मदद की। सितम्बर 2023 में विवेक रामास्वामी ने बड़ा बयां देते हुए कहा था कि अगर वह अमेरिका के राष्ट्रपति बनते है तो 75 प्रतिशत संघीय कार्यबल को नौकरी से निकाल देंगे।

विवेक रामास्वामी के माता-पिता भारत के केरल से अमेरिका गए थे। वहां ओहियो में किसी जीई कारखाने में उन्होंने काम किया। 37 वर्षीय विवेक रामा स्वामी ने 2014 मे रोइवैंट साइंसेज को लॉन्च करने के बाद 2015 - 2016 के सबसे बड़े बायोटेक आईपीओ का निरीक्षण किया। जिसके फलस्वरूप विभिन्न रोग श्रेणियों में सफल क्लीनिकल ट्रायल बाद उनकी कई मेडिसिन्स का FDA द्वारा अनुमोदित डेवलपमेंट हुआ।

9 अगस्त सन 1985 को केरल में जन्मे विवेक रामास्वामी अपने माता पिता के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका चले आये। जहाँ उनके पिता ओहियो में किसी जनरल इलेक्ट्रिक प्लांट में कार्य करते थे।

2024 के अमेरिकी चुनाव प्रचार की दूसरी रिपब्लिकन डिबेट, जो बुधवार, 27 सितम्बर 2023 को कैलिफोर्निया के सिमी वैली में रोनाल्ड रीगन प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी एंड म्यूजियम में आयोजित की गई थी, जिसमें भारतीय-अमेरिकी राष्ट्रपति पद के कैंडिडेट रामास्वामी ने फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस और पूर्व यूनाइटेड नेसन राजदूत निक्की हेली सहित छह अदर कैंडिडेटस के साथ स्टेज शेयर की। 

अपने कठोर नीतिगत बदलावों के प्रस्तावों के सुझाव जारी रखते हुए, विवेक रामास्वामी ने इस डिबेट में कहा है कि वह अमेरिका में इल्लीगल माइग्रेंट्स के बच्चों के लिए जन्मसिद्ध नागरिकता को खत्म करने का समर्थन करेंगे। इस नियम को पहली बार डोनाल्ड ट्रम्प ने 2015 में सबके सामने रखा था। साथ ही अभयारण्य शहरों को निधि से वंचित करने और मैक्सिको और मध्य अमेरिका की विदेशी सहायता को समाप्त करने के अपने विरोधियों के सुझावों से सहमति जताई। 

विवेक रामास्वामी अक्टूबर 2023 में जब अपने बच्चों के लिए एक नैनी खोज रहे थे तो भी वह लाइम लाइट में आ गए थे, क्योंकि एक नैनी के लिए विवेक रामास्वामी ने 100,000 डॉलर (लगभग 83 लाख रुपये) की एनुअल सैलरी ऑफर की थी। 

नवम्बर 2024 में जब डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के दूसरी बार राष्ट्रपति बने तो उनके मंत्रिमंडल में विवेक रामास्वामी को प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी गयी.  

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