विनेश फोगट भारत की नेशनल मेडेलिस्ट फ्रीस्टाइल पहलवान हैं वह राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान है. उन्होंने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक भी जीते हैं. इसके बाद विनेश फोगाट राजनीति में आकर कांग्रेस नेता भी बनी.
विनेश फोगट का जन्म 25 अगस्त 1994 को हरियाणा के चरखी दादरी में हुआ था. इनके पिता का नाम राजपाल फोगट हैं और विनेश पहलवानों के परिवार से आती हैं. पहलवान गीता फोगट, रितु फोगट और बबीता कुमारी विनेश की चचेरी बहने हैं.
विनेश फोगट के पति का नाम पहलवान सोमवीर राठी है. सोमवीर राठी ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दो बार के स्वर्ण पदक जीता है. सोमवीर राठी जींद जिले के बख्ता खेड़ा गाँव के रहने वाले है.
सन 2013 में नई दिल्ली में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में, विनेश फोगट ने महिलाओं की फ़्रीस्टाइल 52 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता था. इसके बाद इसी साल दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप में, उन्होंने फाइनल में नाइजीरिया की ओडुनायो अडेकुओरोये से हारने के बाद 51 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था.
2014 में विनेश ने दक्षिण कोरिया के इंचियोन में आयोजित एशियाई खेलों में 48 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतने में कामयाब रही. उन्होंने रेपेचेज मुकाबले में तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर मंगोलिया की नारंगरेल एरेडेनेसुख को हराकर भी कांस्य पदक जीता था.
2015 में विनेश फोगट ने कतर में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीता.
सन 2016 में विनेश फोगट ने इस्तांबुल में आयोजित ओलंपिक्स के लिए पहली बहार क्वालीफाइ किया था. इस ओलंपिक्स में फोगट का प्रदर्शन शानदार रहा लेकिन क्वार्टर फ़ाइनल में, मैच के दौरान एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट की चोट के कारण वह मैच से रिटायर हो गईं थी, और ओलम्पिक मैडल से बस एक पायदान से चूक गयी थी.
2018 में विनेश ने फिर से वापसी की तथा ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में अपने दूसरे राष्ट्रमंडल खेलों में 50 किलोग्राम वर्ग में भाग लिया तथा राष्ट्रमंडल खेलों में अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता था. इसके बाद 2018 में ही, जकार्ता में एशियाई खेलों में, उन्होंने 50 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा के फाइनल में, जापान की युकी इरी को हराकर स्वर्ण पदक जीता था.
तब विनेश फोगाट राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों दोनों में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं थी.
एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2019 में, विनेश फोगट ने चीन की कियानयु पैंग को हराकर कांस्य पदक जीता था. तथा इसी साल यासर डोगू टूर्नामेंट में, विनेश ने फाइनल में रूस की एकातेरिना पोलेशचुक को हराकर स्वर्ण पदक जीता. 2019 में ही विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में, विनेश ने कांस्य पदक मैच में मारिया प्रेवोलारकी को हराकर 53 किलोग्राम वर्ग में जीत दर्ज की थी. साथ ही टूर्नामेंट में शीर्ष छह में स्थान बनाकर टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए क्वालीफाई करने वाली विनेश फोगाट पहली भारतीय पहलवान भी बनीं थी.
जनवरी 2020 में, रोम रैंकिंग सीरीज़ में उन्होंने फ़ाइनल में लुइसा वाल्वरडे को हराकर स्वर्ण पदक जीता था. 2020 के ओलंपिक्स में विनेश फोगाट महिलाओं की 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने के लिए गयी थी, हालांकि यह क्वार्टर फाइनल में उन्हें बेलारूस की वेनेसा कलादज़िंस्काया से हार का सामना करना पड़ा था और वह ओलम्पिक मैडल से बहुत नजदीक से चूक गयी थी.
ओलंपिक 2020 के तुरंत बाद, विनेश फोगाट को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने अनुशासनहीनता के लिए निलंबित कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि विनेश फोगट ने ओलंपिक विलेज में अपने भारतीय साथियों के साथ प्रशिक्षण लेने से इनकार कर दिया था और ओलंपिक में आधिकारिक भारतीय किट नहीं पहनी थी. जिसके बाद उन्होंने माफ़ी नामा भी जारी किया था.
विनेश ने फरवरी 2021 में कीव मे, कोच मेमोरियल टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता था. उन्होंने अपने भार वर्ग में दुनिया की नंबर एक बनने के लिए 2021 माटेओ पेलिकोन रैंकिंग सीरीज़ इवेंट में भी स्वर्ण पदक जीता था. जून 2021 में ही ,विनेश ने पोलैंड ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में 53 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था.
बर्मिंघम में आयोजित 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 53 किग्रा स्पर्धा में, विनेश फोगाट ने अपने सभी मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया था. फिर बेलग्रेड में आयोजित 2022 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में 53 किग्रा स्पर्धा में ही, उन्होंने अपना दूसरा विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक भी जीता. इस टूर्नामेंट में हालांकि विनेश मंगोलिया की बटखुयागिन खुलन के खिलाफ अपने पहले दौर के मुकाबले में हार गईं, लेकिन रेपेचेज राउंड में लगातार तीन सीधे गेम जीतकर कांस्य पदक जीतने में सफल रही थी. विनेश फोगट को 2022 का बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमेन ऑफ़ द ईयर का पुरस्कार भी मिला था.
सन 2023 में विनेश फोगाट कुछ अलग कारणों और विवादों की वजह से सुर्ख़ियों में आयी थी. दरसअल जनवरी 2023 में, विनेश ने साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और अंशु मलिक सहित 30 से अधिक भारतीय पहलवानों के साथ मिलकर डब्ल्यूएफआई को भंग करने और इसके तत्कालीन अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एक विरोध प्रदर्शन किया, जिसमे उन्होंने बृज भूषण शरण सिंह पर आरोप लगाया था कि भूषण सालों से महिला खिलाड़ियों का यौन उत्पीड़न कर रहे थे. हालांकि डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह ने इस विषय को राजनीती और खिलाडियों द्वारा अपना दबदबा बनाये रखने का एक षड्यंत्र बताया था.
बृज भूषण शरण सिंह का कहना था कि डब्ल्यूएफआई द्वारा कुछ नए नियम लाये गए थे जिसके अनुसार वरिष्ठ खिलाड़ियों को पूर्व पर्दर्शन और ट्रैक रेकार्ड के बजाय नए मैच खेलकर क्वालीफाई करना होगा। इन नियमों की वजह से वरिष्ठ खिलाडीयों की युवा और प्रतिभाशाली खिलाडियों से हारकर बहार होने की सम्भावना अधिक थी. लेकिन फिर भी सरकार ने पूर्व पहलवानो के इन दावों की जांच के लिए एक निगरानी समिति बनाने का वादा किया. जिसके बाद इन भारतीय पहलवानो ने विरोध प्रदर्शन को वापस ले लिया था.
2024 के पेरिस ओलंपिक्स में, विनेश फोगाट ओलंपिक्स चैम्पियन यूई सुसाकी को हराने वाली पहली अंतरराष्ट्रीय पहलवान बनीं और ओलंपिक फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान भी बनीं. हालाँकि, बाद में फ़ाइनल की सुबह वेट मेजरमेंट के दौरान उनका वजन निर्धारित वज़न से 100 ग्राम अधिक होने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया और विनेश फोगाट पेरिस ओलम्पिक में जीता हुआ मैडल हार गयी.
अगस्त 2024 में जब विनेश फोगाट ओलम्पिक से वापस भारत लौटी तो एयरपोर्ट से हरियाणा के दिग्गज कांग्रेस नेता भूपिंदर हुड्डा की गाडी में उनके साथ घर आयी. इस घटना ने ओलम्पिक के तुरंत बाद विनेश फोगाट के जीवन को एक नयी दिशा दे दी. अक्टूबर 2024 में हुए हरियाणा विधान सभा चुनावों से तुरंत पहले विनेश फोगाट ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली और अपने आंदोलन की लड़ाई को जारी रखने और मजबूत करने की बात कहकर विधानसभा चुनाव में भाग लेने की बात कही.
अब विनेश फोगाट पहलवानी छोड़कर कांग्रेस के टिकट पर जुलाना विधानसभा सीट से राजनीति के दंगल में उतर गयी. जुलाना सीट पर 2024 के विधानसभा चुनाव में विनेश फोगाट ने एक कड़े मुकाबले में बीजेपी के योगेश बैरागी को 6015 वोट से हराकर विधायकी जीती. नजदीकी मुकाबले में विनेश फोगाट को चुनाव में 65080 वोट मिले, जबकि बीजेपी के कैप्टन योगेश बैरागी को 59065 वोट मिले, तीसरे नंबर पर रहे सुरेंद्र लाठर को महज 10158 वोट ही मिल सके. इसी चुनाव में आम आदमी पार्टी की और से रेसलर कविता दुग्गल ने भी भाग लिया था.
हालांकि 2024 के इन चुनावों में विनेश फोगाट की पार्टी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा, जबकि इस बार कांग्रेस की जीत तय मानी जा रही थी.