vantika agrawal indian chess player

वंतिका अग्रवाल इंडियन चेस प्लेयर

वंतिका अग्रवाल मशहूर इंडियन वूमन चेस प्लेयर है. वंतिका अग्रवाल अंतर्राष्ट्रीय मास्टर खिताब जीतने वाली 11वीं भारतीय महिला हैं. वंतिका का जन्म 28 सितम्बर 2002 को उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुआ था. 

अपने बड़े भाई के साथ वंतिका अग्रवाल ने स्कूल के दिनों से ही चेस खेलना शुरू कर दिया था. शुरू में तो वंतिका की फॅमिली ने उन्हें सपोर्ट किया, मगर जब  वंतिका का इंटरेस्ट चेस में कुछ जयादा बढ़ा और सीखने के लिए एकेडमी की डिमांड वंतिका ने घरवालों से की तो उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.

लगभग छह महीनों की कड़ी मशक्क्त के बाद आखिरकार वंतिका अग्रवाल का एक चेस एकेडमी में एडमिशन हो गया. वंतिका अग्रवाल की काबिलियत और प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि ट्रेनिंग शुरू होने से पहले ही उन्होंने जूनियर लेवल पर मैडल जीतना शुरू कर दिया था. जिसकी वजह से उनकी फॅमिली को वंतिका पर विश्वास हो गया और वंतिका अग्रवाल को अपने पैशन को प्रोफेशन में बदलने के लिए उनके परिवार ने हर संभव मदद करने की बात कही.

भारत में चेस बहुत अधिक लोकप्रिय खेल नहीं है, मगर यदि इस पर भी ध्यान दिया जाए तो चेस भी लोकप्रिय हो सकता है. क्योंकि यह एक ऐसा इंडोर गेम है, जिसे छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग तक सभी आसानी से खेल सकते हैं. चेस खेलने से अल्जाइमर जैसी बीमारी से बचा जा सकता है.

वंतिका अग्रवाल के लिए चेस एक पैशन था, जिसे उन्होंने प्रोफेशनल करियर में बदल लिया, हालांकि उन्होंने सदैव पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान दिया. केवल  टूर्नामेंट के दिनों में वह स्कूल नहीं जा पाती थीं. इसके अलावा वंतिका अग्रवाल ने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया, क्योंकि उनके पैरेंट्स का मानना था कि अगर वह चेस में कुछ एचीव नहीं कर सकी, तो बाकी बच्चों की तरह स्टडीज के जरिए उनके पास अपना करियर बनाने का एक मौका बचा रहेगा. 

चेस एक इंडोर गेम है और इसमें लम्बे समय तक एक ही पोस्चर में बैठे रहना पड़ता है, तो चेस प्लेयर्स को अपने आपको फिजिकली फिट रखना भी एक बड़ा चैलेंज होता है. अपनी हेल्थ को मेंटेन रखने के लिए वंतिका अग्रवाल कई फिजिकल एक्टिविटीज करती है. वह अपनी सेहत बनाए रखने के लिए जॉगिंग करने भी जाती हैं.

चेस हो या अन्य स्पोर्ट्स वंतिका अग्रवाल ने बचपन से ही अपने बड़े भाई के साथ सब खेल खेले हैं. बचपन से ही वह अपने भाई के साथ बैडमिंटन और क्रिकेट भी खेलती थीं. वंतिका की मां ने उन्हें टेनिस खेलने के लिए भी उन्हें प्रेरित किया था और वह बॉस्केटबॉल व फुटबॉल भी खेलती थी. साथ ही डांसिंग करना भी वंतिका अग्रवाल को बहुत अच्छा लगता है और इन सब चीजों से वह खुद को फिट रखती हैं.

चेस को एज ए प्रोफेशनल करियर बनाना काफी कॉस्टली भी पड़ता है, क्योंकि यह एक महंगा खेल है. अलग-अलग चेस टूर्नामेंटस खेलने के लिए प्लेयर्स को अलग-अलग जगहों पर जाना होता है. आने-जाने का खर्च काफी ज्यादा होता है. स्टार्टिंग में वंतिका अग्रवाल अपनी मां के साथ केवल दिल्ली में होनी वाली प्रतियोगिताओं में ही खेलने जाती थीं, मगर जब उनका परफॉर्मंस इम्प्रूव हुआ और उन्हें बहार बड़ी ऑपर्चुनिटीज ऑफर हुई, तो वंतिका अपनी मां के साथ  अलग-अलग जगहों पर चेस खेलने के लिए जाने लगीं. 

सन 2020 में इंडियन नेशनल चेस टीम का नेतृत्व करते हुए वंतिका अग्रवाल ने FIDE ऑनलाइन चेस ओलम्पियाड जीतकर सुर्खियां बटोरी और नाम कमाया. फिर 2021 में वंतिका अग्रवाल ने FIDE बिनेंस बिजनेस स्कूल सुपर कप जीता.  

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