ट्रेन फोर्स वन की सहायता से जब भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अगस्त 2024 को पोलैंड से यूक्रेन की यात्रा की, तो यह यात्रा उन्होंने प्लेन से नहीं, बल्कि एक ट्रेन से की थी जो कि कोई आम ट्रेन नहीं थी. बल्कि एक लग्जरी सुविधाओं और वर्ल्ड क्लास सर्विस के लिए जानी जाने वाली स्पेशल ट्रेन थी, इसे ट्रेन फोर्स वन के नाम से जाना जाता है. यह ट्रेन यूक्रेन के सरकारी यूक्रेनी रेलवे द्वारा संचालित की जाती है, तथा इसका रंग नीला और पीला है, जो यूक्रेन के झंडे का रंग है.
ट्रेन फोर्स वन को मूल रूप से क्रीमिया में टूरिस्टों के लिए 2014 में बनाया गया था. यह ट्रेन एक सुंदर, आधुनिक इंटीरियर वाली ट्रैन है, जो पहियों पर घूमता एक उच्च-स्तरीय होटल जैसा दिखता है. इस ट्रेन में अहम बैठकों के लिए एक बड़ी मेज, एक आलीशान सोफा और दीवार पर टीवी लगा है तथा ट्रेन फोर्स वन को सोने और आराम करने के लिए भी उच्च स्तरीय सुविधाएं दी गई है.
इसके अलावा, इस ट्रेन को अपने वीआईपी यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत सुरक्षा प्रणाली से भी सुसज्जित किया गया है. ट्रेन फोर्स वन को सुरक्षित संचार प्रणालियी और सबसे चुनौतीपूर्ण परिदृश्यों को भी संभालने के लिए भी डिज़ाइन किया गया है.
ट्रेन फोर्स वन की यात्रा 10 घंटे, 700 किलोमीटर की है जो पोलैंड के प्रेज़ेमिस्ल ग्लोनी स्टेशन से शुरू होकर, वारसॉ से लगभग 400 किमी दक्षिण पूर्व में कीव में समाप्त होती है.
पीएम मोदी से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन भी इस ट्रेन फोर्स वन से सफर कर चुके हैं. साल 2022 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैको, जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज और इटली के तत्कालीन प्रधानमंत्री मारियो ड्रागी ने एक साथ इस स्पेशल ट्रेन फोर्स वन से सफर किया था.
2024 में रूस के साथ युद्ध के चलते यूक्रेन के एयरपोर्ट बंद होने के कारण पीएम मोदी 20 घंटे का सफर करके ट्रेन फोर्स वन की सहायता से कीव पहुंचे जहाँ उन्होंने 7 घंटे बिताए तथा राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की थी.