सुनीता केजरीवाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री रह चुके अरविंद केजरीवाल की पत्नी है और उन्ही की तरह IRS अफसर रह चुकी हैं.
मार्च 2024 में जब शराब घोटाला मामले में दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया तो केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने सुनीता केजरीवाल को नया मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया.
अरविन्द केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद सुनीता केजरीवाल की सक्रियता दिल्ली की राजनीती में अचानक से बढ़ी तो राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट होने लगी कि अरविंद केजरीवाल की जगह सुनीता केजरीवाल दिल्ली की मुख्यमंत्री बनकर जिम्मेदारी संभालेंगी. तभी सुनीता केजरीवाल ने केजरीवाल को आशीर्वाद के नाम से एक कैंपेन की भी शुरुआत की.
दिल्ली के चीफ मिनिस्टर और अपने पति अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से सुनीता केजरीवाल ने मोर्चा संभालते हुए कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पार्टी को लीड किया. यहाँ तक कि 31 मार्च को रामलीला मैदान दिल्ली में इण्डिया गठबंधन की रैली में भी आम आदमी पार्टी का नेतृत्व करते हुए सुनीता केजरीवाल ही वहा पहुंची थी और उनको सोनिया गाँधी के साथ बैठाया गया था.
21 मार्च 2024 को अरविंद केजरीवाल को इंफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था. उसके बाद अरविन्द केजरीवाल की बेल की कई अर्जियां ख़ारिज हो गयी. ऐसे समय में अरविन्द केजरीवाल जेल से कैसे मुख्यमंत्री पद की कमान संभालेंगे यह देखते हुए आम आदमी पार्टी सुनीता केजरीवाल को आगे बढ़ाने जा रही है.
सुनीता केजरीवाल एक IRS अफसर रह चुकी हैं तो अरविन्द केजरीवाल की तरह ही सुनीता केजरीवाल में पार्टी को लीड करने की पूरी क्षमता है. तो ऐसी स्थिति में आम आदमी पार्टी सुनीता केजरीवाल पर अपना भरोसा जता सकती है और सुनीता केजरीवाल जल्द ही दिल्ली की मुख्यमंत्री बन सकती है. हालांकि सुनीता केजरीवाल अपनी नौकरी से VRS ले चुकी है मगर क्योंकि उन्होंने 20 साल से अधिक समय तक राजकीय सेवा की है तो ऐसे में सुनीता केजरीवाल पेंशन के साथ ही सरकार की और से मिलने वाली अन्य सभी सुविधाएं ले सकती है. क्योंकि सुनीता केजरीवाल एक आईआरएस अफसर हैं, और उन्होंने साल 2016 में नौकरी छोड़ीं.
सुनीता केजरीवाल ने जुलॉजी से ग्रेजुएशन किया हुआ है और स्कूलिंग के समय से ही एक होनहार छात्रा थी. सुनीता केजरीवाल ने यूपीएससी सीएसई का एग्जाम क्लियर किया था और सेलेक्शन के बाद इंडियन रेवेन्यू सर्विसेस ज्वॉइन की थी. सुनीता केजरीवाल 1994 बैच की आईआरएस ऑफिसर रही है और उन्होंने ने आईटी डिपार्टमेंट में 22 वर्षों तक अपनी सेवाएं दी है. सुनीता केजरीवाल के पति अरविंद केजरीवाल भी आईआरएस ऑफिसर के पद पर तैनात थे,
जब सन 2006 में अरविंद केजरीवाल ने इंडियन रेवेन्यू सर्विसेस से इस्तीफा दिया तो वह ज्वॉइंट कमिश्नर की पोस्ट पर अप्पोइंटेड थे. इसके बाद अरविन्द केजरीवाल पॉलिटिक्स में एक्टिव हो गए. लेकिन इसके बाद भी सुनीता केजरीवाल जॉब करती रहीं और सन 2016 में केजरीवाल के कहने पर वीआरएस ले लिया. यही वह समय था जब पति अरविन्द के साथ सुनीता केजरीवाल ने पॉलिटिक्स की बारीकियां सीखी, वह नौकरी छोड़ने के बाद पूरी तरह अरविन्द केजरीवाल को सपोर्ट करने लगी. अरविन्द केजरीवाल अन्ना के साथ करप्शन के खिलाफ लड़ाई लड़ते-लड़ते राजनीति में आ गए थे.
सामान्य रूप से बहुत कम लोग जानते हैं कि सुनीता केजरीवाल ने अरविंद केजरीवाल से लव मैरिज की है. सुनीता 1994 बैच की ऑफिसर थी और अरविंद केजरीवाल 1995 बैच के ऑफिसर थे. सुनीता केजरीवाल की मुलाक़ात अरविंद केजरीवाल से भोपाल में ऑफिसर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम के समय हुई थी. इंडियन रेवेन्यू सर्विस की परीक्षा पास करने के बाद अरविंद और सुनीता नागपुर स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन में भी मिले। मुलाकात के बाद धीरे-धीरे दोनों की नजदीकियां बढ़ती गईं, फिर ये दोनों रोजाना घंटों साथ रहने लगे और इनकी लव स्टोरी की शुरुआत हो गयी.
जहां एक और दिल्ली के सीएम के तौर पर अरविंद केजरीवाल अपनी बेबाक बातों और कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं. यहां तक कि वह विरोधियों पर राजनीतिक हमला करने के मामले में पीछे नहीं रहते. लेकिन रोज घंटों साथ रहने के बावजूद भी सुनीता केजरीवाल से अपने प्यार का इजहार करने में अरविन्द केजरीवाल ने महीनों लगा दिए थे. अरविंद केजरीवाल कई महीने तक सुनीता केजरीवाल को प्रपोज करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए थे. हालांकि दोनों में आंखों ही आंखों में एक समझ जरूर हो गई थी, और जानते और पसंद करते थे. लेकिन तब भी अपने प्यार का इजहार करने में अरविंद केजरीवाल को लगभग चार महीने का समय लग गया था.
एक दिन ट्रेनिंग एकेडमी के गार्डन में अरविन्द केजरीवाल ने सुनीता केजरीवाल को प्रपोज कर दिया और सुनीता केजरीवाल ने उनका प्रोपोजल एक्सेप्ट करते हुए अरविन्द केजरीवाल के साथ जिंदगी बिताने का फैसला कर लिया. इस प्रकार बचपन से साफ दिल के अरविंद के साहस और निष्पक्षता ने सुनीता को इम्प्रेस किया था. सुनीता केजरीवाल का ये ड्रीम था कि उनका पति एक ईमानदार व्यक्ति हो जिसके लिए देश सेवा करना जीवन की प्राथमिकता हो, जिसे अरविन्द केजरीवाल ने पूरा किया.