सुनेत्रा पवार वाइफ ऑफ अजीत पवार महाराष्ट्र की राजनीती से जुड़ा एक बड़ा नाम है. महाराष्ट्र के बड़े राजनीतिक परिवार पवार से आने वाली सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र से ही राज्यसभा सांसद है और पवार परिवार के बड़े राजनीतिक नामों शरद पवार, सुप्रिया शूले, अजीत पवार में से एक है. साथ ही सुनेत्रा पवार पूर्व मंत्री और कभी शरद पवार के सबसे करीबी सहयोगी रहे पद्मसिंह पाटिल की बहन भी हैं.
बारामती क्षेत्र में सुनेत्रा पवार अपने सामाजिक कार्यों के लिए जानी जाती हैं और एनवायरनमेंटल फोरम ऑफ इंडिया नामक एक एनजीओ भी चलाती हैं. उनकी वेबसाइट सुनेत्रा पवार डॉट कॉम के अनुसार, सुनेत्रा पवार ने जैविक खेती और हरी खाद के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है. उन्होंने भारत में इको-विलेज की अवधारणा को बढ़ावा देने में भी बड़ी भूमिका निभाई है.
साथ ही सुनेत्रा पवार लोकप्रिय शैक्षणिक संस्थान विद्या प्रतिष्ठान की ट्रस्टी भी हैं. फ्रांस में विश्व उद्यमिता मंच के थिंक टैंक का भी सुनेत्रा पवार सन 2011 से हिस्सा रही हैं.
सुनेत्रा पवार के अजीत पवार से जय पवार और पार्थ पवार दो बेटे भी हैं. सुनेत्रा और अजीत के बेटे पार्थ पवार 2019 के लोकसभा चुनाव में मावल सीट से अपनी किस्मत आजमा चुके है जिसमें उन्हें सफलता नहीं मिली थी.
2024 के लोकसभा चुनाव में सुनेत्रा पवार पत्नी अजित पवार ने बारामती संसदीय सीट से ननद और सांसद सुप्रिया सुले के सामने चुनाव भी लड़ा मगर वह जीत दर्ज नहीं कर सकी. यह सुनेत्रा पवार की बड़े स्तर पर राजनीति की शुरुआत थी हालांकि इससे पहले वह पति अजीत पवार के राजनीतिक कार्यों में सहयोग करती रही है और अपने सामाजिक कार्यों के लिए जानी जाती हैं.
महाराष्ट्र के बारामती क्षेत्र, जिसे एन सी पी प्रमुख शरद पवार का गढ़ माना जाता है, और उनकी पुत्री सुप्रिया सुले वहां से सांसद रह चुकी है. पांच दशकों से पवार परिवार और सुप्रिया सुले ने बारामती में एक छत्र राज किया है जानते हुए भी यहां से लोकसभा चुनाव लड़ने का सुनेत्रा पवार का फैसला काफी साहसिक माना गया था.
इन चुनावों के दौरान सुनेत्रा पवार के पति और तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे अजित पवार द्वारा अपनी चचेरी बहन और सांसद सुप्रिया सुले के खिलाफ सुनेत्रा पवार को उम्मीदवार उतारकर बारामती के मतदाताओं से भावनात्मक अपील करते हुए कहा था कि इस बार पहला चुनाव लड़ रहे व्यक्ति को चुनें जो आपकी भावी पीढ़ियों के कल्याण के लिए काम करेगा.
सुनेत्रा पवार के पति अजीत पवार का अपने चाचा शरद पवार से मतभेद के कारण पवार परिवार की पार्टी एनसीपी में विभाजन भी हो गया था, इसलिए आम चुनावों में बारामती में पवार परिवार के दो बड़े सदस्यों ने आमने सामने चुनाव लड़ा था.
बारामती लोकसभा चुनाव 2024 में सुनेत्रा पवार भले ही सांसद नहीं बन पायी मगर सांसद बनने के लिए उन्हें ज्यादा इन्तजार नहीं करना पड़ा और जून 2024 में ही सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र से निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुन ली गयी. तो इस प्रकार लोकसभा न सही पवार खानदान की यह बहु सुनेत्रा पवार उच्च सदन राज्य सभा से सांसद बनी.
महाराष्ट्र के पुणे डिस्ट्रिक के अंतर्गत आने वाली बारामती लोकसभा सीट पर लगभग 60 सालों से ज़्यादा पवार परिवार का दबदबा रहा है. शरद पवार ने 1967 में पहली बार बारामती विधानसभा सीट से विधायकी का चुनाव जीता था. उन्होंने 1972, 1978, 1980, 1985 और 1990 के विधानसभा चुनावों में भी इसी सीट को बरकरार रखा.
एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने 1984, 1996, 1998, 1999 और 2004 में बारामती लोकसभा क्षेत्र ही संसदीय चुनाव भी जीता. बीच में शरद पवार के उत्तराधिकारी माने जाने वाले अजित पवार ने सन 1991 में बारामती ससदीय सीट का लोकसभा में नेतृत्व किया. 2004 के बाद शरद पवार ने बारामती लोकसभा सीट अपनी पुत्री सुप्रिया सुले को सौंप दी जिसका उन्होंने बखूबी मान रखते हुए 2009, 2014, 2019 और 2024 में नेतृत्व किया और सांसद बनी.
वही दूसरी ओर अजीत पवार बारामती विधानसभा सीट से सात बार विधायक रह चुके हैं.