शीतल देवी एक मशहूर तीरंदाज है और एक इंडियन पैरा एथलेटिक है. शीतल देवी अर्जुन अवार्डी प्लेयर है तथा 2024 ओलंपिक्स के समय बिना हाथों के तीर चलाने वाली एकमात्र सक्रिय महिला अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक थी.
शीतल देवी ने 2023 की विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक और एशियाई पैरा खेलों में दो स्वर्ण जीते थे. शीतल देवी पैरा कंपाउंड तीरंदाजों की नंबर 1 रैंकिंग भी हासिल कर चुकी है.
10 जनवरी 2007 को जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ के लोइधर गांव में शीतल देवी का जन्म मान सिंह तथा शक्ति देवी के यहां हुआ था. जन्म के समय ही शीतल देवी को फोकोमेलिया नामक एक रेयर बर्थ टाइम डिजीज हो गयी थी, जिसकी वजह से उनके हाथ-पैर सही से विकसित नहीं हो पाए.
जन्म से ही चुनौतियों भरी शारीरिक स्थिति के साथ जन्म लेने के बावजूद भी, शीतल देवी की इच्छाशक्ति बहुत मजबूत थी, उन्होंने कभी भी अपनी शारीरिक विषमता की सीमाओं को अपने बचपन का भरपूर आनंद लेने से नहीं रोका.
शीतल एक जन्मजात एथलीट थी मगर 2021 में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भारतीय सेना द्वारा आयोजित एक युवा कार्यक्रम में सेना के कोचों की नजर जब शीतल की काबिलियत पर पड़ी तो उनका जीवन बदल गया. हालांकि, शीतल देवी को सक्षम पैरा तीरंदाजी बनाने के लिए कोचों की शुरुआती कोशिशें सफल नहीं हुई.
इसके बाद शीतल देवी के कोचों को मैट स्टुट्ज़मैन के बारे में पता चला, जो एक हाथहीन तीरंदाज थे, और इन्होने तीरंदाजी के लिए अपने पैरों का इस्तेमाल करके रजत पदक जीता था. शीतल ने भी पैरा तीरंदाजी के दिग्गज स्टुट्ज़मैन से प्रेरणा लेकर उन्ही की तरह अपने पैरों और पंजों का इस्तेमाल करते हुए, अपरंपरागत शूटिंग तकनीक को अपनाकर अभ्यास शुरू कर दिया.
फिर मार्च-अप्रैल 2022 में हरियाणा में पैरा तीरंदाजी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में शीतल देवी पार्टिसिपेट करने पहुंच गयी. यह टूर्नामेंट शीतल के लिए बहुत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसके बाद ही शीतल देवी को भारतीय पैरा तीरंदाज के रूप में औपचारिक मान्यता मिली थी, जबकि अधिकांश एथलीट्स को वैश्विक मंचों पर अपनी पहचान बनाने से पहले कई वर्षों तक प्रशिक्षण में लम्बा समय बिताना पड़ता है. इस प्रकार शीतल देवी ने साबित कर दिया कि वह उन चुनिंदा लोगों में से हैं. जो असाधारण कौशल से संपन्न हैं.
2023 में शीतल देवी ने चेक गणराज्य में विश्व तीरंदाजी पैरा चैंपियनशिप में ओपन महिला कंपाउंड तीरंदाजी स्पर्धा में सिल्वर मैडल जीता और पैरा विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली महिला आर्मलेस तीरंदाज बनी. इस जीत ने शीतल देवी को साथ ही 2024 के पेरिस पैरालंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करा दिया.
शीतल देवी की बेहतरीन पैरा तीरंदाजी अक्टूबर 2023 में एशियाई पैरा गेम्स 2023 में भी जारी रही तथा उन्होंने महिला युगल स्पर्धा में रजत पदक जीतने के अलावा व्यक्तिगत कंपाउंड और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक भी जीते.
इस प्रकार शीतल देवी भारत का नेतृत्व करने पेरिस पैरालंपिक 2024 में पहुंच गयी.