रीतिका हुड्डा भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवान हैं और हरियाणा से आती है. वह U23 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान महिला भी है.
रीतिका हुड्डा का जन्म हरियाणा के रोहतक जिले में हुआ था. रीतिका के पिता जगबीर सिंह है जो एक किसान हैं और उनकी माँ नीलम एक गृहिणी हैं.
सन 2022 में रीतिका हुड्डा ने बेलग्रेड में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2022 में महिलाओ की 72 किग्रा वर्ग पर्तिस्पर्धा में भाग लिया लेकिन इस चैंपियनशिप में वह जीत नहीं सकी.
फिर 2023 में रितिका ने जगरेब में आयोजित ग्रैंड प्रिक्स जगरेब ओपन में भाग लिया लेकिन इस बार भी भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया और वह हार गई लेकिन इसी साल रीतिका हुड्डा जब मिस्र में आयोजित इब्राहिम मुस्तफा कुश्ती रैंकिंग सीरीज़ 2023 में महिलाओं की 72 किलोग्राम स्पर्धा में भाग लेने पहुंची तो परिणाम पहले से बेहतर था और रितिका हुड्डा कांस्य पदक जीतने में सफल रही.
इसी साल अप्रैल 2023 में अस्ताना में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भी रीतिका हुड्डा ने कांस्य पदक जीता. फिर जून में वह काबा उलू कोझोमकूल और रातबेक सनतबाएव टूनामेंट में रजत पदक जीतने में सफल रही. अक्टूबर 2023 में, रीतिका हुड्डा ने बड़ी उपलब्धि हासिल की और इतिहास रचते हुए U23 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं.
उन्होंने बिश्केक, किर्गिस्तान में 2024 एशियाई कुश्ती ओलंपिक योग्यता टूर्नामेंट में भाग लिया और अपनी दमदार परफॉरमेंस से फ्रांस में आयोजित पेरिस ओलंपिक्स 2024 के लिए क्वॉलिफॉय कर लिया.
पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत की ओर से भाग लेने गए 5 पहलवानों में से एक रितिका हुड्डा को विशेष बनाती है ये बात कि वह 76 किलोग्राम के हैवीवेट वर्ग में क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय हैं. हुड्डा के लिए यह भार वर्ग भी नया है, जो उच्च भार वर्ग में आने से पहले 72 किलोग्राम में प्रतिस्पर्धा करती थीं.
अपने वजन को 76 किलोग्राम तक ले जाना रितिका के लिए बहुत बड़ा संघर्ष रहा था, क्योंकि उनका बॉडी टाइप ऐसा है जिसमे वजन घटाना आसान है लेकिन वजन बढ़ाना नहीं. प्रोटीन के लिए उन्हें चिकन भी खाना पड़ा जबकि रितिका हुड्डा पहले शाकाहारी थी.