सरपंच से युवा सांसद और केंद्रीय मंत्री तक का सफर बड़ी तेजी से तय करने वाली रक्षा खडसे का जन्म 13 मई 1987 को मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के खेटिया में हुआ था. रक्षा खड़से की शादी सन 2013 में महाराष्ट्र के निखिल खडसे के साथ हुई थी. रक्षा खड़से और निखिल खड़से के एक बेटा जिसका नाम गुरुनाथ खडसे है. रक्षा खड़से की बेटी का नाम कृषिका खडसे है. रक्षा खड़से ने अपनी शिक्षा के टी एच एम कालेज से ली है.
सन 2010 में कोठाड़ी ग्राम पंचायत के सरपंच पद से राजनीति में कदम रखने वाली रक्षा खडसे को अभी सरपंच बने महज दो ही हुए थे कि अपनी राजनीतिक समझ और क्षमता के बल पर वह जलगांव से जिला परिषद सदस्य चुन ली गई. जलगांव से जिला परिषद सदस्य चुने जाने पर रक्षा खड़से अपनी प्रतिभा के बल पर महाराष्ट्र के जिला परिषद की स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल समिति की चेयरपर्सन भी बन गयी.
यहाँ भी अभी उन्हें कार्य करते हुए महज 2 साल ही हुए थे, कि उन्हें भारतीय राजनीति में एक बड़ी उड़ान भरने का अवसर मिल गया. 2 साल के सरपंच और 2 साल के जिला परिषद् सदस्य के काल खंड में ही अपनी कार्यशैली से रक्षा खड़से ने भारतीय राष्ट्रीय राजनीती की तत्कालीन पुरोधा माने जाने वाली भारतीय जनता पार्टी को इस कदर प्रभावित कर दिया कि भाजपा ने रक्षा खड़से को वह मौका दे दिया, जिसके लिए लोगो की पीढ़ियां प्रयास करते करते दम तोड़ देती है.
यह कोई सामान्य बात नहीं थी, 2010 में सरपंच बनी और 2012 में जिला परिषद् सदस्य बनी, रक्षा खड़से महज 4 साल के राजनीतिक सफर से सन 2014 के भारत की राष्ट्रीय राजनीति के संसदीय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी जैसे बड़े दल द्वारा अपनी लोकसभा उम्मीदवार बना दी गयी.
भाजपा द्वारा लिए गए इस बड़े निर्णय को रक्षा खड़से ने सही साबित करते हुए लोकसभा चुनाव 2014 में अपने प्रतिद्वंदी एनसीपी के मनीष जैन को 3 लाख 18 हजार 608 वोटों के बड़े भारी मतों से हराकर जबरदस्त जीत दर्ज की. महज 26 साल की उम्र में रक्षा खड़से इतिहास रचते हुए भारत की सोलहवीं लोकसभा की सबसे युवा सांसदों में से एक बनकर सबको हैरान कर दिया.
इतनी कम उम्र में बड़ा मुकाम हासिल कर 5 वर्ष तक अपने क्षेत्र और राष्ट्रीय संसद में कार्य करने के बाद अगले लोकसभा चुनाव 2019 में रक्षा खड़से ने महाराष्ट्र के रावेर लोकसभा सीट से संसदीय चुनाव लड़ा और इस बार अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के उलहास पाटिल को पहले चुनाव के मुकाबले अपने ही रेकॉर्ड को तोड़ते हुए जीत के अंतर को 3 लाख 35 हजार 882 वोटों तक पंहुचा दिया. लगातार दूसरी बार सांसद बनी रक्षा खड़से 2019 लोकसभा चुनावों में अपनी इस जीत से अपने पद, प्रतिष्ठा और प्रसिद्धि को नयी ऊंचाइयों पर पंहुचा दिया.
फिर 5 साल बाद आया लोकसभा चुनाव 2024 जिसमे एक बार फिर रक्षा खड़से रावेर संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए अपने प्रतिद्वंदी एनसीपी (शरद पवार) के श्रीराम पाटिल को 2 लाख 72 हजार 183 वोटों से शिकस्त देकर लगातार तीसरी बार संसद पहुंची.
मगर इस बार मध्यप्रदेश में जन्मी और महाराष्ट्र में ब्याही रक्षा खड़से महज एक सांसद बनकर दिल्ली नहीं पहुंची बल्कि 9 जून 2024 की शाम को तीसरी बार बनी, नयी नरेंद्र मोदी सरकार के मोदी सरकार 3.0 मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री भी बनी, जो कि राम मोहन नायडू के बाद सरकार की दूसरी सबसे युवा केंद्रीय मंत्री हैं.