प्रियंका चतुर्वेदी भारतीय राजनीती में एक बड़ा नाम है. वह इंडियन नेशनल कांग्रेस की प्रमुख प्रवक्ता रह चुकी है. साथ ही प्रियंका चतुर्वेदी की गिनती भारतीय राजनीती की सुन्दरतम महिलाओं में की जाती है. प्रियंका चतुर्वेदी का जन्म 19 नवंबर 1979 को हुआ था. हालांकि प्रियंका चतुर्वेदी का परिवार उतर प्रदेश से आता है मगर वह मुंबई में पली बढ़ी है. प्रियंका चतुर्वेदी ने सेंट जोसेफ स्कूल जुहू महाराष्ट्र से प्रारंभिक पढाई की और 1999 में नार्सी मोनजी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स, विले पार्ले से कामर्स में ग्रेजुएट किया.
प्रियंका चतुर्वेदी की शादी विक्रम चतुर्वेदी से हुई, जिनसे उनके दो बच्चे, एक बेटा और एक बेटी हैं. विक्रम चतुर्वेदी आईबीएम इंडिया में चैनल मार्केटिंग और प्रोग्राम मैनेजर के तौर पे काम कर चुके है. प्रियंका चतुर्वेदी को पढ़ने और ब्लागिंग का शौंक भी हैं.
इंडियन नेशनल कांग्रेस में एक लम्बे समय तक महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी प्रियंका चतुर्वेदी को राजनीती का लम्बा अनुभव है. वह कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता के तौर भी अक्सर न्यूज़ डिबेट्स में हिस्सा लेती रहती थी. महिलाओं और युवाओं में प्रियंका चतुर्वेदी की खासी पकड़ रही है, सोशल मीडिया पर भी उनके बयान और बातें लोगों द्वारा काफी पसंद किये जाते है.
सन 2023 में जब प्रियंका चतुर्वेदी राफेल सौदे को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए गयी तो वहां पर उन्ही की पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने दुर्व्यवहार करने की कोशिश की.
दरअसल राफेल सौदे पर प्रियंका और अन्य कांग्रेस नेता देश भर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लोगों को इस विषय में अवगत करा रहे थे. इसी कड़ी में जब वह मथुरा में सम्मलेन कर रही थी तो, मथुरा के कई कांग्रेस नेताओं ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया, इस घटना के बाद प्रियंका चतुर्वेदी भड़क गई थीं. यहां तक कि जब प्रियंका ने सम्मेलन छोड़ा, तो नेताओं ने उनके कमरे तक भी उनका पीछा किया. इस घटना के बाद प्रियंका चतुर्वेदी ने पार्टी आलाकमान से जब इसकी शिकायत की तो पार्टी ने दोषी कार्यकर्ताओं पर कोई कार्यवाही नहीं की. प्रियंका चतुर्वेदी ने इस घटना में मथुरा कांग्रेस के नेता अशोक चक्रलेश्वर, उमेश पंडित, प्रताप सिंह, अब्दुल जब्बार, गिरधारी लाल पाठक, भूरी सिंह जयस, प्रवीण ठाकुर और यतींद्र मुकदम आदि के नाम लिए थे.
प्रियंका चतुर्वेदी मुंबई उत्तर से कांग्रेस से विधायकी के टिकट की भी मांग कर रही थी. पार्टी के लिए मेहनत और कठिन प्रयासों के बाद भी उचित सम्मान नहीं मिलने पर प्रियंका चतुर्वेदी ने सन 2023 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफ़ा देकर शिवसेना ज्वॉइन कर ली थीं. साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर एक महिला की प्रतिष्ठा का दांव पे लगा होना अपने इस निर्णय का प्रमुख कारण प्रेस कांफ्रेंस करके बताया था.
इसके बाद प्रियंका चतुर्वेदी भारतीय लोकतंत्र के उच्च सदन राज्यसभा में शिवसेना से सांसद भी बनी.
प्रियंका चतुर्वेदी अक्टूबर 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा 2024 के चुनावों से ठीक पहले सुर्ख़ियों में आ गयी दरसअल प्रियंका चौधरी एक पॉडकास्ट चैनल में इंटरव्यू दे रही थी.तभी जब उनसे उनके फेवरेट पॉलिटीशियन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की तारीफ करते हुए उन्हें महान राजनेता बताया था. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी को लोगों से जुड़ने में महारत हासिल हैं, खासकर युवाओं और महिलाओं से जुड़ने में उनको कोई बीट नहीं कर सकता.
प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी माना कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के लिए कई बड़ी जिम्मेदारियां बखूबी निभाई हैं. उन्होंने एक बहुत बड़े वोट बैंक को प्रभावित किया है. प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि बीजेपी के 2024 में लगातार केंद्र में तीसरी बार सरकार बनाने में पीएम मोदी का सबसे अहम रोल रहा है. हालांकि उनकी पार्टी को बहुमत नहीं मिला, लेकिन फिर भी उन्होंने बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी बना दिया, वो लगातार तीसरे लोकसभा चुनाव में मतदाताओं को अपने पाले में लेकर आने में कामयाब रहे और तीसरी बार प्रधानमंत्री बने.
शिवसेना (यूबीटी) से राज्य सभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि पीएम मोदी ने भारतीय जनता पार्टी की जीत में कई अहम जिम्मेदारियों को निभाया है. मोदी जी में एक खास बात है, जो लोगों को उनसे जोड़ती है, इसी वजह से उनको बड़ा समर्थन मिलता है.
हालांकि महाराष्ट्र विधानसभा 2024 चुनावों से पहले प्रियंका चतुर्वेदी का यूँ बदला अंदाज और विरोधी पार्टी के मुखिया की खुले मंच से तारीफ ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल बढ़ा दी है.