princess of jaipur diya kumari

जयपुर की राजकुमारी दीया कुमारी

दीया कुमारी राजनीति के अलावा, अपने विशेष सामाजिक कार्यों के लिए भी जानी जाती हैं और उन्हें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तरह भविष्य में राजस्थान के संभावित मुख्यमंत्री के रूप में देखा जाता है. राजपूती विरासत की संरक्षक और अस्तित्वमय जयपुर के शाही परिवार की कला और संस्कृति को बनाए रखने के लिए दीया कुमारी एक राजकुमारी का कार्य बखूबी कर रही हैं.

दीया कुमारी का जन्म 30 जनवरी 1971 को जयपुर के पूर्व शाही परिवार में हुआ था. दीया कुमारी, महाराजा ब्रिगेडियर भवानी सिंह और महारानी पद्मिनी देवी की  इकलोती सन्तान है, राजकुमारी दीया कुमारी का पालन पोषण व्यक्तिगत रूप से अपनी दादी राजमाता गायत्री देवी की देखरेख में हुआ है.   

दीया कुमारी की शिक्षा नई दिल्ली में मॉडर्न स्कूल, मुंबई में जीडी सोमानी मेमोरियल स्कूल और जयपुर में महारानी गायत्री देवी गर्ल्स पब्लिक स्कूल में हुई. जिसके बाद वह डेकोरेटिव आर्ट्स का कोर्स करने के लिए लंदन भी गयी.

दीया कुमारी की शादी महाराजा नरेन्द्र सिंह से हुई जिनसे उनकी तीन सन्तान हुईं. दीया कुमारी ने 2 जुलाई 1998 को अपने पहले पुत्र पद्मनाथ सिंह को जन्म दिया जिसे दिया के दादा महाराजा भवानी सिंह द्वारा 22 नवम्बर 2002 को अपना युवराज घोषित किया गया और 27 अप्रैल 2011 को पद्मनाथ सिंह को जयपुर की गद्दी पर बैठा दिया गया. दीया कुमारी के दूसरे पुत्र का नाम राजकुमार लक्ष राज सिंह है, उनकी तीसरी संतान एक पुत्री राजकुमारी गौरवी कुमारी हैं.

राजनीतिक कार्यों के साथ ही दीया कुमारी अपना एक एनजीओ भी चलाती हैं. दीया कुमारी ने अपनी परिवारिक विरासतों को भी सम्भालकर रखा हैं, जिसमें उनका आंशिक निवास स्थान सिटी पैलेस, जयपुर, जयगढ़ दुर्ग, आमेर एवं  महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय संग्राहलय ट्रस्ट, जयपुर एवं जयगढ़ पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट नामक दो ट्रस्ट भी शामिल हैं. 

इसके आलावा दीया कुमारी की शिक्षा और होटल व्यवसाय में भी गहरी रुचि हैं. जिसमें दीया कुमारी द पैलेस स्कूल और महाराजा सवाई भवानी सिंह स्कूल नामक दो विद्यालयों का कार्यभार सम्भालती हैं. साथ ही होटल राजमहल पैलेस, जयपुर, होटल जयपुर हाउस, माउंट आबु और होटल लाल महल पैलेस नामक तीन होटल्स का प्रबंधन कार्य भी करती हैं.

राजशाही विरासत सँभालते हुए दीया कुमारी ने अपनी दादी राजमाता गायत्री देवी के पदचिन्हो पर चलने का निर्णय लिया और अन्ततः राजनीति में प्रवेश कर लिया. दीया कुमारी ने राजनीतिक सफर की शुरुआत 10 सितम्बर 2013 को, जयपुर में एक भव्य रैली में, गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी, तत्कालीन भाजपाध्यक्ष श्री राजनाथ सिंह और वसुन्धरा राजे की उपस्थिति में औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेकर की. 

दीया कुमारी ने 2013 में ही सवाई माधोपुर विधान सभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज करते हुए विधायक चुनी गयी. इसके बाद 2019 में उन्होंने राजस्थान की राजसमंद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इसके दीया कुमारी को राजस्थान में भाजपा की महिला विंग का प्रदेश प्रभारी बना दिया गया.  

2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में दीया कुमारी प्रमुख रणनीतिकार होने के साथ ही चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की स्टार प्रचारक रही. साथ ही 2023 राजस्थान विधानसभा चुनावों में दीया कुमारी ने विद्याधर नगर सीट पर कांग्रेस के सीताराम अग्रवाल को 71 हज़ार से अधिक मतों के बड़े भारी अंतर से हराकर जीत दर्ज की. 2023 राजस्थान विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी ने दीया कुमारी को राजस्थान का उप मुख्यमंत्री नियुक्त किया. यह दीया कुमारी के लिए बड़ी उपलब्धि रही जिसने उनके कद को और बढ़ा दिया. 

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