mental health problems in women

मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स इन वूमन

आज के इस दौड़भाग भरे इस युग दौर में जब महिलाओ ने घर ही नहीं बल्कि बाहर की जिम्मेदारी भी अपने कंधो पर उठा रखी है. महिलाएं पुरुषो के साथ कंधे से कन्धा मिला कर चल रही है, तो इस भागदौड़ भरी लाइफ में वह अपनी सेहत की परवाह करना अक्सर भूल जाती हैं. जिसकी वजह से कब वह मानसिक परेशानियो से पीड़ित हो जाती है, उसे पता भी नहीं चलता जो बाद में जाकर कई गंभीर बीमारियों का रूप ले लेती है. 

महिलाओ को अपनी मेन्टल हेल्थ से संबंधित परेशानियों का पता लगाने के लिए इसके शुरुआती लक्षणों की जानकारी होना बहुत जरुरी है, ताकि समय रहते सही महिलाओं की मानसिक परेशानियों का सही से इलाज हो सके. 

रिसर्चर्स के अनुसार, वैसे तो मानसिक बीमारी किसी को भी हो सकती है, लेकिन महिलाओं में इसके लक्षण पुरुषों की अपेक्षा कुछ अलग होते हैं. यहाँ उन कुछ लक्षणों के बारे में बताया गया है, जिससे महिलाओं की मेंटल फिटनेस के बारे में आसानी से जाना जा सकता हैं.

महिलाओं की मेंटल हेल्थ से कुछ महत्वपूर्ण लक्षण निम्नलिखित है 

जब किसी भी कार्य से खुशी महसूस न हो तो इसका मतलब है कि व्यक्ति की मेन्टल हेल्थ सही नहीं है. किसी भी काम में रुचि की कमी होना, नींद में कमी आना, भूख कम लगना तथा व्यक्ति का हर समय चिड़चिड़ा होना,  महिलाओ में हार्मोनल इम्बैलेंस ये सभी ख़राब मेन्टल हेल्थ के इंडिकेटर होते है.  

महिलाओं में मेंटल हेल्थ संबंधित परेशानियों के मुख्य कारण इस प्रकार है -

1. बॉयोलॉजिकल कारण - महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा जल्दी डिप्रेशन का शिकार हो जाती है. क्योंकि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले ज्यादा इमोशनल होती हैं.

2. सामाजिक दबाव - महिलाओं पर पुरुषों से अधिक ज्यादा सामाजिक दबाव होता है. समाज के अनुसार, एक स्त्री  को फ्रेंडली, बच्चों और परिवार का पालन करने वाली और भावुक होना चाहिए, महिला ऑफिस और घर का बराबर काम करे, इसी दबाव की वजह से भी महिलाएं मानसिक रूप से बीमार हो जाती हैं.

3. लिंग के आधार पर भेदभाव - आज के दौर में भी महिलाओं को समाज में लिंग के आधार पर भी भेदभाव का सामना करना पड़ता है, और उन्हें इनकी काबिलियत के अनुसार नहीं आंका जाता है, जिसकी वजह से भी उन्हें मेंटल हेल्थ से संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

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