life story of navya haridas

नव्या हरिदास का जीवन परिचय

नव्या हरिदास आरएसएस के परिवेश वाले परिवार से आने वाली केरल के कोझिकोड क्षेत्र की प्रसिद्ध भाजपा नेत्री है. पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर रह चुकी नव्या हरिदास कोझिकोड से दो बार पार्षद रह चुकी हैं. 

नव्या हरिदास का पूरा परिवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा हुआ था और कोझिकोड में उनके घर पर आरएसएस की बैठकें होना एक आम बात थीं, लेकिन नव्या ने पूर्णकालिक राजनीतिज्ञ बनने के बारे में कभी सोचा नहीं था. परिवार के संघ से जुड़े होने के कारण उन्होंने आरएसएस की छात्र गतिविधियों में भाग लेना शुरू कर दिया था.

बीटेक की इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद नव्या हरिदास ने एचएसबीसी बैंक को प्रोफेशनली ज्वाइन किया और एज ए सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल लगभग ढाई साल काम किया. 

नव्या हरिदास की शादी सन 2009 में मरीन इंजीनियर शोबिन श्याम से हुई और शादी के बाद वह सिंगापुर चली गई. सिंगापुर में भी नव्या ने कई सॉफ्टवेयर कंपनियों में काम किया. नव्या हरिदास पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं.

सन 2015 में नव्या हरिदास के जीवन में एक बड़ा मोड़ आया जिसने इस संघी परिवेश में पली बढ़ी सॉफ्टवेयर इंजीनियर को राजनीतिक गलियारों में पंहुचा दिया. यही वो समय था जब केरल में स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे थे और नव्या सिंगापुर से कोझिकोड अपने घर आयी हुई थी. इसी समय नव्या को पहली बार पार्षद के चुनावों की टिकट ऑफर की गयी.

अपनी फॅमिली और बच्चों के साथ छुट्टियां मनाने के लिए कुछ समय कोझिकोड आयी हुई थी. निकाय चुनाव का समय था और भाजपा ने उनके परिवार की संघ परिवार से जुड़ी पृष्ठभूमि को देखते हुए, निकाय चुनाव की टिकट देने का प्रस्ताव दिया. नव्या को निगम की एक सामान्य सीट से मैदान में उतारा गया और  रातों-रात वह भाजपा की उम्मीदवार बन गई. एक बार नव्या ने खुद बताया था कि मेरे पास बैकअप प्लान भी था यदि मैं हार जाती तो सिंगापुर वापस सॉफ्टवेयर की दुनिया में लौट जाती. हालांकि नव्या हरिदास अपना चुनाव जीत गयी और केरल की राजनीती में सक्रीय हो गयी.

न केवल 2015 में नव्या हरिदास कोझिकोड से पार्षद बनीं, बल्कि 2020 में भी अपनी सीट बरकरार रखते हुए फिरसे चुनाव जीती.

इसके बाद पार्टी ने अपनी इस युवा शिक्षित और संघ परिवेश में पली बढ़ी नव्या हरिदास को 2021 के केरल विधानसभा चुनावों में कोझिकोड साउथ विधानसभा क्षेत्र से विधायकी का चुनाव भी लड़ावाया. हालांकि, इन चुनावों में नव्या हरिदास जीत नहीं सकी थी. लेकिन नव्या ने बीजेपी के 2016 के 16.56 प्रतिशत के वोट शेयर को बढाकर 20.89 तक पंहुचा दिया. नव्या हरिदास के कोझिकोड साउथ विधानसभा चुनावों में इस प्रदर्शन को भारतीय जनता पार्टी ने अच्छा माना और उनका राजनीतिक कद बढ़ गया. 

जिसका अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि नव्या हरिदास को प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी का लोकसभा उपचुनाव 2024 में वायनाड संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाया गया. नव्या हरिदास का वायनाड की लोकल नेता होना और दो बार कोझिकोड निगम पार्षद बनना उन्हें इस मुकाम तक लेकर आया.

वायनाड लोकसभा सीट के 2024 के उपचुनावों में भाजपा की महिला मोर्चा अध्यक्ष नव्या हरिदास को अपना प्रत्याशी बनाया था. जिसमें उनका मुकाबला कांग्रेस की राष्ट्रीय नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और एलडीएफ के सत्यन मोकेरी से हुआ था.

सुश्री नव्या हरिदास वायनाड लोकसभा उपचुनाव के इस महत्वपूर्ण मुकाबले में प्रियंका गांधी के खिलाफ अपने राजनीतिक अनुभव के साथ आई थी और मजबूती से लड़ी भी थी. 

केरल राज्य की महासचिव नव्या हरिदास ने वायनाड से लोकसभा प्रत्याशी बनाये जाने पर कहा था कि यह मेरे लिए दस साल पहले राजनीति में आकस्मिक प्रवेश की तरह ही है. न तो तब मुझे ऐसी को उम्मीद थी और न ही अब जब पार्टी ने मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. मुझे चुनाव के लिए नामित किये जाने की कोई उम्मीद नहीं थी और मुझे आधिकारिक पुष्टि तभी मिली जब न्यूज़ चैनलस पर मेरे वायनाड से टिकट की घोषणा की गई.

हालांकि इस उपचुनाव में नव्या हरिदास जीत नहीं पायी थी, मगर जिस हिम्मत और साहस से उन्होंने यह चुनाव लड़ा था वह सभी का मन जीतने में सफल रही. इस चुनाव ने नव्या हरिदास को एक अच्छा अनुभव दिया जिसके दम पर वह पार्टी में अपने कद और राजनीतिक समझ के स्तर को बढ़ा सकी.    

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