life story of giorgia meloni

जियोर्जिया मेलोनी का जीवन परिचय

इटली चुनावों में एक बड़ी जीत हासिल करके जॉर्जिया मेलोनी ने पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरी थी. जॉर्जिया मेलोनी जब पहली बार इटली की प्रधानमंत्री बनी तो उनकी उम्र 45 वर्ष थी और वह इटली के इतिहास की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी. इस सरकार में जॉर्जिया मेलोनी एक दक्षिणपंथी गठबंधन का नेतृत्व करती हैं जिसने 43 फीसदी वोट हासिल करते हुए इटली की सत्ता पर कब्ज़ा किया हैं. 

इटली की प्रधानमंत्री बनने से पहले जॉर्जिया मेलोनी एक समय होटल में एक मामूली वेट्रेस थीं. जिसका जिक्र करते हुए जॉर्जिया मेलोनी ने खुद रिमिनी मीटिंग में कहा था, मैंने सांसद की तुलना में एक वेट्रेस के रूप में अधिक सीखा है. वर्किंग क्लास रोमन बैकग्राउंड वाली मेलोनी को राजनीति में आने से जीवन में कई बड़े संघर्षों का सामना करना पड़ा. एक पूर्णकालिक राजनेता बनने से पहले जॉर्जिया मेलोनी ने वेट्रेस, बार टेंडर और नैनी जैसी कई नौकरियां की थीं.

जॉर्जिया मेलोनी रोम के सबसे फेमस नाइट क्लब में से एक पाइपर क्लब में काम करती थीं. सन 2008 में इटली के तत्कालीन प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी ने जॉर्जिया मेलोनी को देश का यूथ मिनिस्टर नियुक्त करते हुए पहली बार एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी. जॉर्जिया मेलोनी के नाम इटली की सबसे युवा यूथ मिनिस्टर बनने का रेकार्ड भी है.

जॉर्जिया मेलोनी को एक रूढ़िवादी अपने देश की पारम्परिक और सांस्कृतिक सभ्यता से प्रेम करने वाला नेता माना जाता हैं. वह समलैंगिकता का विरोध करती हैं. जॉर्जिया मेलोनी की पार्टी को सन 2018 के इटली के चुनावों में सिर्फ 4.5 फीसदी ही वोट मिले थे लेकिन इसके बाद ब्रदर्स ऑफ इटली की लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल आया. 

जॉर्जिया मेलोनी रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण से पहले रूस के साथ अच्छे संबंधों के पक्ष में भी थीं. लेकिन, अपने चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने खुलकर यूक्रेन का समर्थन किया और उसे हथियार भेजने जैस सपोर्ट की बात भी कही थी. जॉर्जिया मेलोनी ने इतालवी तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी की भी प्रशंसा की थी. यहीं नहीं, वह 2020 में नाजी सहयोगी और MSI के सह-संस्थापक जियोर्जियो अल्मिरांटे की प्रशंसा करके भी विवादों में आ गयी थीं.

भारत और तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के साथ भी जॉर्जिया मेलोनी के काफी अच्छे अंतराष्ट्रीय सम्बन्ध रहे है. इटली में हुए 2024 के G7 समिट के दौरान भी जॉर्जिया मेलोनी ने श्री नरेंद्र मोदी को सम्मलेन में विशेष सम्मान और स्थान दिया, यद्यपि भारत G7 संघ का सदस्य भी नहीं है बावजूद इसके जॉर्जिया मेलोनी की इस गर्मजोशी ने भारतीयों का दिल जीत लिया है.       

Read more at headlineshunt :