लक्ष्य सेन मशहूर भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं. लक्ष्य सेन 2017 में पहली बार बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन जूनियर रैंकिंग में पहले नंबर पर पहुंचकर सुर्ख़ियों में आये थे.
लक्ष्य सेन का जन्म 16 अगस्त 2001 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रस्यारा गाँव में हुआ था. उनके पिता डीके सेन एक प्रतिष्ठित बैडमिंटन कोच हैं. अपने पिता डीके सेन की छत्रछाया में ही लक्ष्य सेन ने बैडमिंटन में ओलम्पिक तक का सफर तय किया.
प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी में प्रशिक्षण लेने के बाद, लक्ष्य सेन ने बहुत कम उम्र में एक बैडमिंटन खिलाड़ी के रूप में अपनी प्रतिभा दिखा दी थी.
सन 2014 में, लक्ष्य सेन ने स्विस जूनियर इंटरनेशनल जीतकर अपने बैडमिंटन करियर का इटरनेशनल आगाज किया था. फिर 2016 में भी सेन ने जूनियर बैडमिंटन सर्किट में शानदार प्रदर्शन किया और जूनियर एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता. हालांकि लक्ष्य सेन जूनियर विश्व चैम्पियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में सन फेइक्सियांग से फिर हार गए तथा उनकी टीम इस स्पर्धा में आठवें स्थान पर रही. लक्ष्य सेन ने फिर सीनियर लेवल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा की और इंडिया इंटरनेशनल सीरीज़ टूर्नामेंट 2016 में पुरुष एकल का खिताब जीता.
2017 में सेन ने सैयद मोदी इंटरनेशनल टूर्नामेंट से बैडमिंटन चैलेंजेज की शुरुआत की, जहां वह हमवतन सौरभ वर्मा से प्री-क्वार्टर फाइनल में हार गए. मगर फरवरी 2017 में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन वर्ल्ड जूनियर में जीतकर नंबर एक रैंकिंग प्राप्त करते हुए लक्ष्य सेन सुर्ख़ियों में आ गए. इसके बाद लक्ष्य सेन जूनियर लेवल पर एकल इवेंट्स में नंबर एक खिलाड़ी बन गए.
जूनियर एशियाई चैम्पियनशिप में, लक्ष्य सेन को नंबर 1 के रूप में वरीयता मिली, लेकिन प्री-क्वार्टर में वह लिन चुन-यी से हार गए. इसी साल लक्ष्य सेन वियतनाम ओपन के क्वार्टर फाइनल में भी पहुंचे थे जिसके बाद सेन को जूनियर विश्व चैम्पियनशिप में नंबर 2 के रूप में वरीयता दी गई, लेकिन यहाँ भी वह क्वार्टर फाइनल में कोडाई नाराओका से हार गए थे.
जुलाई 2018 में लक्ष्य सेन ने न्यूजीलैंड ओपन में अपने से कहीं अधिक रैंक वाली खिलाड़ी चीम जून वेई को सीधे सेटों में हराया था, लेकिन 2 बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और नंबर 1 वरीयता प्राप्त लिन डैन से वह हार गए थे.ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी लक्ष्य सेन नंबर 7 रैंक होल्डर ली चेउक यियू से भी हार गए थे. लेकिन 2018 एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में लक्ष्य सेन ने जबरदस्त वापसी करते हुए शीर्ष वरीयता प्राप्त वर्ल्ड जूनियर नंबर 1 कुनलावुत विटिडसर्न को फाइनल में हरा दिया और फिर से बादशाहत हासिल कर ली थी.
हैदराबाद ओपन में सेन नंबर 8 वरीयता प्राप्त हीओ क्वांग-ही से हार गए. इसके बाद लक्ष्य सेन ने 2018 बंगका बेलितुंग इंडोनेशिया मास्टर्स के प्री-क्वार्टर फाइनल में नंबर 2 वरीयता प्राप्त सिथिकॉम थम्मासिन को हराया लेकिन क्वार्टर फाइनल में नंबर 7 वरीयता प्राप्त लिन यू-ह्सियन से हार गए.
लक्ष्य सेन ने 2018 ग्रीष्मकालीन युवा ओलंपिक में चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी के रूप में भाग लिया तथा सीधे सेटों में मैन्स सिंगल इवेंट में रजत पदक प्राप्त किया। उन्होंने मिक्स डबल्स टीम इवेंट में भी भाग लिया और टीम अल्फा को स्वर्ण पदक जीतने में मदद की. इसी साल लक्ष्य सेन ने बीडब्ल्यूएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता था.
2019 में लक्ष्य सेन ने विक्टर स्वेनडसेन को हराकर 2019 बेल्जियम इंटरनेशनल टूर्नामेंट जीता. लक्ष्य सेन ने जापान के युसुके ओनोडेरा को हराकर डच ओपन मैन्स सिंगल्स खिताब जीता. यह सेन का पहला BWF टूर खिताब था. डच ओपन एक BWF टूर सुपर 100 टूर्नामेंट है.
नवंबर 2019 में, लक्ष्य सेन ने सारलोरलक्स ओपन फाइनल में चीन के वेंग होंगयांग को हराकर एक और BWF टूर सुपर 100 टूर्नामेंट जीता. इसके बाद नवंबर 2019 में ही स्कॉटिश ओपन में पुरुष एकल में ब्राजील के यगोर कोएलो के खिलाफ जीत हासिल की थी.
2020 में लक्ष्य सेन बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे. सेन 2020 ऑल इंग्लैंड ओपन के दूसरे दौर में पहुँच गए थे, जो उनका पहला BWF सुपर 1000 टूर्नामेंट था, लेकिन वहाँ सेन विक्टर एक्सेलसन से हार गए थे. वह 2020 डेनमार्क ओपन के दूसरे दौर में भी हंस-क्रिस्टियन विटिंगस से हार गए थे. इसके बाद लक्ष्य सेन को 2020 सारलोरलक्स ओपन में दूसरी वरीयता दी गयी थी, लेकिन चोट के कारण उन्होंने नाम वापस ले लिया.
2021 दिसंबर में, लक्ष्य सेन विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में पहुँच गए थे जहाँ उन्होंने कांस्य पदक जीता था.
2022 जनवरी में, उन्होंने इंडिया ओपन के फाइनल में तत्कालीन विश्व चैंपियन लोह कीन यू को हराया, तथा सेन ने अपना पहला सुपर 500 खिताब जीता. जर्मन ओपन में, लक्ष्य ने सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर 1 विक्टर एक्सेलसेन को हराया, लेकिन फाइनल में कुनलावुत विटिडसार्न से हार गए थे. इसके बाद उन्होंने वर्ल्ड नंबर 3 एंडर्स एंटोनसेन और वर्ल्ड नंबर 7 ली ज़ी जिया को हराकर ऑल इंग्लैंड ओपन 2022 के फाइनल में प्रवेश किया. लेकिन वह फाइनल में विक्टर एक्सेलसेन से हार गए थे.
लक्ष्य सेन की टीम ने इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर थॉमस कप 2022 भी जीता था, जिसमें सेन ने एंथनी सिनिसुका गिंटिंग के खिलाफ जीतकर ख़िताब हासिल किया था. मलेशिया के एनजी त्ज़े योंग को फाइनल में हराकर 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में लक्ष्य सेन कॉमनवेल्थ चैंपियन भी बने थे. कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में लक्ष्य सेन उस भारतीय टीम का भी हिस्सा थे जिसने मिक्स्ड टीम इवेंट में रजत पदक जीता था.
2023 फरवरी में लक्ष्य सेन बैडमिंटन एशिया मिश्रित टीम चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे. 9 जुलाई 2023 को लक्ष्य सेन ने कनाडा के कैलगरी में कनाडा ओपन के फाइनल में चीन के ली शिफेंग को सीधे सेटों में हराकर ख़िताब जीता था.
पेरिस ओलंपिक्स 2024 में, लक्ष्य सेन पुरुष एकल बैडमिंटन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बने. ओलंपिक्स में गैर वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन के लिए इतना लम्बा सफर तय करना बहुत बड़ी बात है. ओलंपिक्स 2024 में सभी का ध्यान अपनी और आकर्षित करते हुए लक्ष्य सेन ने क्वार्टर फाइनल में 12वीं वरीयता प्राप्त चीनी ताइपे के चोउ टिएन-चेन को हराया। साथ ही ओलंपिक्स के एक अन्य मैच में तीसरी वरीयता प्राप्त जोनाथन क्रिस्टी के साथ खेलते हुए उनका एक बैकहैंड शॉट सोशल मीडिया पर काफी वायरल भी हुआ.