kishore jena the javelin thrower

किशोर जेना द जैवलिन थ्रोअर

किशोर जेना भारत के मशहूर भाला फेंक खिलाड़ी है तथा एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता भी हैं. मशहूर जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा के बाद किशोर जेना का नाम भारत के भला फेंक खिलाडी के रूप में प्रसिद्ध है. 

किशोर जेना का जन्म 6 सितम्बर 1995 को ओडिशा में पुरी के निकट कोठासाही गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम केशव जेना और माता का हरप्रिया है. किशोर जेना की छः बड़ी बहने थी. अपने परिवार की मदद करने के लिए जेना ने इस खेल को करियर के तौर पर चुना. शुरुआत में किशोर जेना का लक्ष्य खेल कोटे के ज़रिए भारतीय सेना में नौकरी पाना था. 

वॉलीबॉल हालांकि किशोर जेना की पहली पसंद थी. एक वॉलीबॉल खिलाड़ी के रूप में ही उन्हें भुवनेश्वर में ओडिशा सरकार के स्पोर्ट्स हॉस्टल में एडमिशन भी मिला था. जहा पर किशोर जेना को वॉलीबॉल खेलते हुए देखकर पूर्व स्टेट चैंपियन लक्ष्मण बराल उनसे प्रभावित हुए और जेना को भला फेकना सिखाया. उन्होंने किशोर जेना को बांस से बना एक भाला उपहार में भी दिया था.  

वॉलीबॉल का अभ्यास जारी रखने के साथ, जेना ने भुवनेश्वर खेल छात्रावास में कोच नीलामाधव देव से भाला फेंक का प्रशिक्षण लेना भी शुरू कर दिया था और कॉलेज स्पर्धाओं में कई पदक जीते थे. जेना की ऊंचाई 5 फीट 8 इंच होने के कारण वॉलीबॉल खिलाड़ी के रूप में उनका विकास नहीं हो सका तथा किशोर जेना ने भाला फेंक पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया. उन्होंने 2017 में 72.77 मीटर फेंककर राज्य का रिकॉर्ड भी फिर से बनाया था.  

2018 में खेल कोटे की वजह से भोपाल में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा (सीआईएसएफबल) में जेना को नौकरी मिली गई, लेकिन इसी वर्ष उनके पिता केशव दुर्घटना में घायल हो गए थे, जिससे वे आंशिक रूप से लकवाग्रस्त भी हो गए थे. क्योंकि केशव जेना अब खेती करने में असमर्थ हो गए थे तो किशोर जेना के लिए अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए यह नौकरी बहुत जरूरी हो गयी थी.
 
नौकरी के दौरान जेना अपने नियोक्ताओं के लिए पुलिस स्पर्धाओं में पदक जीतने से संतुष्ट थे, वहीं सीआईएसएफ में थ्रोइंग स्पर्धा के प्रशिक्षक जगबीर सिंह को यकीन था कि किशोर जेना खेल जगत में कुछ बड़ा कर सकते है.  

घर की जिम्मेदारी और मानसिक स्थिति के कारण जेना को किसी भी स्पर्धा में 75 मीटर की दूरी पार करने में भी कठिनाई होती थी, लेकिन जगबीर सिंह को जेना पर विश्वास था और उन्होंने किशोर जेना से वादा किया कि अगर वह 75 मीटर से अधिक थ्रो करते है तो वह पटियाला में होने वाले राष्ट्रीय शिविर के लिए जेना की सिफारिश करेंगे. 

किशोर जेना ने आखिरकार 2021 में ओडिशा राज्य चैंपियनशिप में 76 मीटर से अधिक थ्रो करके कट हासिल किया और अगले साल जून में चेन्नई में अंतर-राज्यीय चैंपियनशिप में 77 मीटर से अधिक थ्रो करके राष्ट्रीय शिविर में जगह बनाई. 

यह साल किशोर जेना के लिए एक गेम चेंजर साबित हुआ और सरकार की तरफ उन्हें एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप और कांस्य पदक विजेता समरजीत सिंह मल्ही से प्रशिक्षण दिलाया गया तथा जेना के उचित आहार पर भी ध्यान दिया गया जिसके बाद जेना के कौशल को एक नया आयाम मिला. 

2022 बेंगलुरू में राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपने अंतिम प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन में, किशोर जेना ने 78.05 मीटर के नए व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता. 

सन 2023 में जेना ने अपने खेल को एक अलग नए स्तर पर पहुंचा दिया. उन्होंने बेल्लारी में इंडियन ओपन थ्रोज़ प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक के साथ सीज़न की शुरुआत की, जिसमें किशोर जेना ने अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 78.93 मीटर तक पहुँचा दिया. तिरुवनंतपुरम में 2023 इंडियन ग्रैंड प्रिक्स में किशोर जेना ने पहली बार 80 मीटर का थ्रो किया. उन्होंने 81.05 मीटर थ्रो के साथ एक और स्वर्ण पदक भी जीता. 

भुवनेश्वर में राष्ट्रीय स्तर पर भी जेना ने  82.87 मीटर तक भाला फेंककर रजत पदक जीता और श्रीलंका राष्ट्रीय स्तर पर पुरुषों की भाला फेंक प्रतियोगिता में 84.38 मीटर तक भाला फेंककर आसानी से जीत हासिल की. 

किशोर जेना के प्रभावशाली प्रदर्शनों के कारण ही उन्हें हंगरी के बुडापेस्ट में होने वाली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 के लिए चयनित किया गया था लेकिन वीजा अस्वीकृत होने के कारण जेना की बुडापेस्ट जाने वाली उड़ान लगभग छूट गई थी, लेकिन अंततः भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद वे बुडापेस्ट पहुंच गए मशहूर भला फेक खिलाडी नीरज चोपड़ा ने वीजा दिलाने में बड़ी मदद की.   

अपनी पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेते हुए किशोर जेना ने अपना संयम बनाए रखा और एक बार फिर प्रभावशाली प्रदर्शन किया. नीरज चोपड़ा ने बुडापेस्ट में प्रतियोगिता जीती, जबकि जेना ने भी 84.77 मीटर की दूरी तय की, जो उनका एक और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. 

बुडापेस्ट में जेना का थ्रो चेक गणराज्य के कांस्य पदक विजेता जैकब वडलेज से सिर्फ 1.90 मीटर पीछे था.

हांग्जो 2023 के लिए टीम में जगह बनाने वाले चोपड़ा के साथ दूसरे भारतीय पुरुष भाला फेंक खिलाड़ी बने थे जहां नीरज चोपड़ा ने उम्मीद के मुताबिक 88.88 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, वहीं जेना ने भी 87.54 मीटर के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाया था.

2023 में 87.54 मीटर का प्रयास किसी भी भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी द्वारा दर्ज किया गया दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. केवल नीरज चोपड़ा, जिनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 89.94 मीटर है, भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड है.

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