यूपीएससी पासआउट आशना चौधरी को ब्यूटी विद ब्रेन का डेडली कॉम्बिनेशन माना जाता है, सोशल मीडिया स्टार आईपीएस आशना चौधरी अपने लुक्स से मॉडल्स को भी फेल कर देती हैं.
यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा पास करने के लिए उम्मीदवारों को एक लंबा समय इसकी तैयारियों में गुजारना पड़ता है, उसके बाद अगर कोई पास हो जाए तो ज्यादातर कैंडिडेट्स आईएएस अधिकारी ही बनना चाहते हैं. क्योंकि भारतीय प्रशासनिक सेवा में आईएएस को सबसे ऊंचा पद माना जाता है. ऐसे में यूपीएससी क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवार भी आईएएस के अलावा किसी दूसरी सर्विस के अलॉट होने पर भी फिर से दोबारा परीक्षा देते हैं, ताकि आईएएस बन सकें. मगर, सिविल सेर्विसेज की यूपीएससी परीक्षा पास करके आईपीएस बनीं ब्यूटी विद ब्रेन की सिम्बल आशना चौधरी औरों से अलग हैं.
आशना चौधरी एक ऐसी लेडी आईपीएस ऑफिसर हैं, जिन्होंने आईएएस का पद मिलने के बाद भी भारतीय पुलिस सेवा आईपीएस को चुना.
आईपीएस आशना चौधरी उत्तर प्रदेश से आती है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मस पर बहुत एक्टिव हैं. आईपीएस ऑफिसर आशना चौधरी को इंस्टाग्राम पर कई लाख लोग फॉलो करते हैं. इसीलिए आशना चौधरी एक आईपीएस के साथ साथ एक सोशल मीडिया सेलेब्रिटी भी है. अपने नाम की तरह ही ये आईपीएस अधिकारी गजब की सुंदरता रखती हैं, इनके कातिलाना लुक्स के लाखो लोग दीवाने हैं. ऐसे में आशना ब्यूटी विद ब्रेन का बेस्ट उदाहरण है.
आशना चौधरी उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में पिलखुवा क्षेत्र से आती हैं. उनकी फैमिली के ज्यादातर लोग हाइली एजुकेटेड है और कई लोग पीएचडी डिग्री होल्डर प्रोफेसर हैं. उच्च शिक्षा प्राप्त लोगो के परिवार से आने वाली आशना चौधरी पर भी कहीं न कहीं खुद की काबिलियत को साबित करने का एक दबाव था. आशना चौधरी के पिता सिविल सर्विसेस से काफी प्रभावित थे. इसीलिए आशना चौधरी ने यूपीएससी को अपने करियर की दिशा बना दिया.
आशना चौधरी के पिता डॉ अजीत सिंह एक सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर हैं जबकि माता इंदु सिंह एक हाउस वाईफ है. आशना चौधरी वैसे तो एक साधारण परिवार से आती है, लेकिन हाइली एजूकेटेड फैमिली के उनके माता-पिता ने हमेशा आशना को करियर मेंआगे बढ़ने के लिए सपोर्ट किया. उनके पिता डॉ अजीत सिंह ने उन्हें पढ़ाई के लिए विभिन्न शहरों में भेजा.
आशना चौधरी ने गाजियाबाद में स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल से शुरूआती पढ़ाई की है और ह्यूमैनिटीज सब्जेक्ट्स के साथ बारहवीं बोर्ड परीक्षा पास की. इसके बाद सन 2019 में आशना ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मशहूर लेडी श्रीराम कॉलेज से इंग्लिश लिटरेचर में ऑनर्स से ग्रेजुएट किया. फिर सन 2023 में साउथ एशियन यूनिवर्सिटी नई दिल्ली से इंटरनेशनल रिलेशंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. शुरूआती दिनों से ही आशना चौधरी का लक्ष्य क्लियर था कि उन्हें किस दिशा में जाना है, इसलिए उन्होंने बिना समय गवाएं पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद एक साल का ब्रेक लेकर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी. साथ ही उन्होंने वंचितों को शिक्षा दिलाने के लिए एक एनजीओ में भी काम किया.
हालांकि, आशना चौधरी को यूपीएससी के अपने पहले और दूसरे अटैम्प्ट में सफलता नहीं मिल सकी थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में कामयाबी हासिल कर ही ली. 2019 में ग्रेजुएशन करने के बाद आशना ने अपना पहला अटेम्प्ट 2020 में दिया, जिसमें वह प्रीलिम्स भी नहीं पास कर पाई थी. अगले साल 2021 में उन्होंने फिर से प्रयास किया लेकिन प्रीलिम्स क्लियर नहीं हो सका. फिर सन 2022 में आशना चौधरी ने अपने तीसरे अटैम्प्ट में यूपीएससी की परीक्षा में सभी चरणों में असाधारण प्रदर्शन किया और कुल 2025 में से 922 अंक हासिल करते हुए 116वीं रैंक के साथ यूपीएससी क्लियर की.
सिविल सेर्विसेज में 116 वी रैंक बहुत अच्छी मानी जाती है, क्योंकि इस रैंक के साथ कोई भी आसानी से आईएएस बन सकता है, लेकिन कुछ अलग सोचने वाली आशना चौधरी ने पुलिस अफसर बनने के अपने ड्रीम को पूरा करने के लिए आईएएस के ऊपर आईपीएस को तरजीह दी.
अक्टूबर 2024 में आईएएस अभिनव सिवाच ने इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की, जिसमें उनके साथ आईपीएस आशना चौधरी दिख रही हैं. इसके बाद ये दोनों सिविल सर्वेंट अचानक से चर्चा का विषय बन गए. हरियाणा से आने वाले आईपीएस अभिनव सिवाच ने डीटीयू से बीटेक और आईआईएम कोलकाता से एमबीए किया हुआ है. अभिनव सिवाच को इन्वेस्टमेंट बैंकर के तौर पर भी काम करने का अनुभव हैं. सन 2022 की ही यूपीएससी परीक्षा में अभिनव सिवाच ने अपने दूसरे अटेम्प्ट में 12वीं रैंक वाली उच्च वरीयता के साथ यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की थी. आशना चौधरी और अभिनव सिवाच की मुलाकात लबासना में हुई थी.