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भारतीय क्रिकेट आलराउंडर रविचंद्रन अश्विन

रविचंद्रन अश्विन एक मशहूर भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर रहे हैं, वह भारतीय क्रिकेट टीम के लिए लम्बे समय तक गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में खेले. रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए टेस्ट, वनडे और टी20, तीनों फॉर्मेट में क्रिकेट खेला. रविचंद्रन अश्विन अपने दम पर भारतीय टीम को मैच जिताने का माद्दा रखते थे और ऐसा उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में कई बार किया. 

रविचंद्रन अश्विन का जन्म 17 सितंबर 1986 को चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ था. उनके पिता भी एक क्रिकेटर थे, लेकिन उस समय उनके दादा जी जो काफी सख्त मिजाज के व्यक्ति थे, ने अश्विन के पिता को क्रिकेट में कुछ करने के ज़्यादा मौके नहीं दिए और बाद में उन्हें सरकारी नौकरी मिल गई. रविचंद्रन अश्विन की पत्नी का नाम प्रीति नारायणन है, जिनसे उनकी दो बेटियां अखिरा और आध्या है.   

रविचंद्रन अश्विन एक ऐसे क्रिकेट आलराउंडर खिलाड़ी थे, जिनकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही विधाओं पर पकड़ काफी मजबूत थी. आश्विन की स्पिन गेंदबाजी को खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं था. उनके पास वैरिएशन था, या यूँ कहें कि उनके तरकश में हर वो तीर मौजूद था, जिससे आश्विन विरोधी टीम को पस्त कर देते थे. दाएं हाथ से ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी करने वाले अश्विन घरेलू क्रिकेट में तमिलनाडु के लिए खेलते थे. अश्विन को अपने क्रिकेट करियर के शुरुआती दिनों में अपनी कैरम बॉल के लिए काफी प्रसिद्धि मिली थी.

सन 2016 में रविचंद्रन अश्विन, राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर के बाद आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीतने वाले तीसरे भारतीय बने थे.  2010 में इंटरनेशनल क्रिकेट करियर शुरुवात करने वाले रविचंद्रन अश्विन ने 537 टेस्ट विकेट लिए, वही एकदिवसीय मैचों में भी 156 विकेट लिए हैं.

भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 50, 100, 150, 200, 250, 300, 350, 400 और 500 विकेट लेने वाले गेंदबाज रविचंद्रन आश्विन ही है.

रविचंद्रन अश्विन एक टेस्ट क्रिकेट मैच में शतक और पांच विकेट लेने का अद्भुत कारनामा करने वाले भारत के एकमात्र खिलाडी है और आश्विन ने ऐसा एक नहीं बल्कि दो बार किया हैं. कमाल की बात यह है कि आश्विन ने दोनों बार यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते हुए किया.

नरेंद्र हिरवानी, प्रवीण आमरे और आरपी सिंह के बाद अपने डेब्यू टेस्ट मैच में ही मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने वाले रविचंद्रन अश्विन चौथे भारतीय खिलाड़ी थे.

टेस्ट क्रिकेट में अश्विन छह बार मैन ऑफ द सीरीज भी रहे है और इस मामले में वह मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग से भी आगे हैं, सचिन और सहवाग पांच-पांच बार टेस्ट क्रिकेट में मैन ऑफ द सीरीज रहे थे. 

भारत की और से 20 टेस्ट मैचों में सबसे तेज 100 टेस्ट विकेट लेने के इरापल्ली प्रसन्ना के रेकार्ड को रविचंद्रन आश्विन ने काफी लम्बे समय बाद 18वें टेस्ट मैच 100 विकेट लेकर तोड़ दिया था.

रविचंद्रन अश्विन ने सन 2024 में जब अपना 100वां टेस्ट मैच खेला तो उन्हें बीसीसीआई द्वारा सम्मानित किया गया, इस सम्मान समारोह में रविचंद्रन अश्विन की पत्नी प्रीति नारायणन और दोनों बेटियां अखिरा व आध्या भी मौजूद थी. 

रविचंद्रन अश्विन ने 18 दिसंबर 2024 को इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स से संन्यास ले लिया था. अपने टेस्ट मैच क्रिकेट करियर में अश्विन ने 106 मैचों में 24 के औसत से 537 विकेट लिए. साथ ही रविचंद्रन अश्विन ने बल्लेबाजी से भी कई बार भारतीय टीम को संकटों से निकाला और 106 टेस्ट मैचों में 6 शतकों और 14 फिफ्टीज की मदद से 3503 रन बनाये.    

अपने अंतर्राष्ट्र्रीय टेस्ट मैच क्रिकेट करियर में रविचंद्र अश्विन 11 बार प्लेयर आफ द सीरीज बने, जो उनकी अद्भुत क्रिकेट क्षमताओं को दर्शाता है. 

क्रिकेट की बुलंदियों को चुने वाले रविचंद्रन अश्विन के लिए परिवार की महत्ता को इस बात से समझा जा सकता है, जब राजकोट टेस्ट से पहले एक चुनौतीपूर्ण क्षण में पारिवारिक हेल्थ इमरजेंसी के चलते वह मैच से हट गए थे. इस अप्रत्याशित परिस्थिति ने एक क्रिकेटर और एक पारिवारिक व्यक्ति के रूप रविचंद्रन अश्विन की दृढ़ता का टेस्ट लिया, जिसने कठिन समय में प्रियजनों को प्राथमिकता देने के आश्विन के महत्व को दिखाया. 

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