डा शशि जोशी उनके द्वारा भारत की राष्ट्र भाषा हिंदी के प्रचार प्रसार में किये गए उनके अभूतपूर्व कार्यों के लिए जानी जाती है. शशि जोशी जीजीआईसी में अध्यापिका के रूप में कार्यरत है. अक्टूबर 2023 में शशि जोशी को दिल्ली के विश्व हिंदी रचनाकार मंच पर कल्पना चावला मैमोरियल पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
डा शशि जोशी कहती है कि हिंदी भाषा का प्रचार व प्रसार करना उनके जीवन का का मुख्य उद्देश्य है और वह बचपन से ही इस कार्य में लगी हुई हैं. शशि जोशी की पांच मौलिक पुस्तकों सहित उनकी कविताएं कई समाचार पत्रों व अनेकों साहित्य पत्रिकाओं में छापी जा चुकी हैं. नारी सशक्तिकरण पर लिए गए उनके लेख भी काफी चर्चित हुए है.
शशि जोशी लेखन की विभिन्न विधाओं जैसे कविता, कहानी, समीक्षा आदि के द्वारा सदैव हिंदी काव्यधारा को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत रहती हैं. हिंदी, राजनीति शास्त्र, शिक्षा शास्त्र, जैसे विषयों से एमए करने के साथ ही शशि ने बीएड एवं पीएचडी भी की हैं. उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कालेज में अध्यापन कार्य भी किया.
डॉ शशि जोशी ने सन 2002 में जैमिनी अकादमी हरियाणा द्वारा आयोजित अखिल भारतीय लघुकथा प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान हासिल किया. सन 2008 में अखिल भारतीय अंबिका प्रसाद दिव्य पुरस्कार मप्र से पुरस्कृत शशि जोशी सं 2017 में शब्द निष्ठा सम्मान मध्य-प्रदेश पत्र लेखन मंच बैतूल द्वारा सम्मानित की गयी. इसके साथ ही साहित्यानंद परिषद गोला-गोकर्णनाथ खीरी, भारतीय संस्कृति एवं साहित्य संस्थान इलाहाबाद, साहित्यिक संस्था काव्यधारा रामपुर, लायंस क्लब नैनीताल, बोल्डविन महिला महाविद्यालय बैंगलोर जैसी संस्थाओं द्वारा भी सम्मानित की गयी.
सन 2020 में विश्व हिंदी रचनाकार मंच द्वारा शशि जोशी को उत्तराखंड काव्य रत्न पुरूस्कार से सम्मानित किया गया, तो 2020 में ही केबी न्यास द्वारा साहित्य विभूषण श्रीमाण पत्र एवं नकद राशि, ब्रिटिश वर्ल्ड रिकॉर्ड एनआरबी फाउंडेशन एवं अभव्या इंटरनेशनल द्वारा रेड डायमंड एचीवर अवार्ड आदि से भी नवाजी गयी.
शील साहित्य परिषद झारखंड द्वारा वर्ष 2021 के नारी गौरवष् पुरस्कार के बाद सन 2022 में डॉ शशि जोशी उत्तराखंड के तत्कालीन राज्यपाल द्वारा साहित्य के क्षेत्र उनके विशेष योगदान के लिए सर्वाेच्च स्त्री शक्ति पुरस्कार तथा तीलू रौतेलीष् पुरस्कार मय धनराशि उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शशि जोशी के शिक्षण क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित की गयी.
वर्ष 2023 में शशि जोशी साहित्य में उनके महत्वपूर्ण योगदान हेतु डीएम अल्मोड़ा द्वारा भी सम्मानित की जा चुकी है.