गुरजपनीत सिंह उभरते हुए भारतीय क्रिकेट के तेज गेंदबाज है. गुरजपनीत सिंह का जन्म 8 नवम्बर 1998 को अम्बाला पंजाब में हुआ था. गुरजपनीत सिंह को भारत के उभरते हुए तेज गेंदबाजों में गिना जाता है.
बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी करने वाले गुरजपनीत सिंह को आशीष नेहरा की तरह किक आर्म एक्शन वाला गेंदबाज कहा जाता है. वैसे तो गुरजपनीत सिंह अम्बाला से आते है लेकिन जब पंजाब की टीम में अपने आयु वर्ग की टीम में वह जगह नहीं बना पा रहे थे, तो उनके कोच ने उन्हें चेन्नई की ओर मूव करने की सलाह दी थी. जिसको गुजपनीत सिंह ने न केवल माना बल्कि खुद को साबित भी करके दिखाया. इस प्रकार जब गुरजपनीत सिंह चेन्नई पहुंचे तो उन्होंने गुरुनानक कॉलेज में दाखिला लिया, जहां पर माहौल काफी हद तक क्रिकेट के अनुकूल रहता है.
पंजाब और तमिलनाडु में भाषाई अंतर के साथ साथ सांस्कृतिक अंतर भी है, ऐसे में अंबाला में जन्मे और पले-बढ़े 17 साल की उम्र में गुरजपनीत सिंह के लिए चेन्नई जाना आसान नहीं था. न केवल दोनों संस्कृतियों में बहुत अंतर हैं बल्कि दोनों जगहों की वैदर कंडीशंस भी बहुत अलग है. जहां एक और पंजाब में तेज गेंदबाजों को सुर्खियों में आने के भरपूर मौके मिलते हैं, तो वहीं चेन्नई की डेड पिचों और गर्म वातावरण वाली परिस्थितियां अक्सर बाएं हाथ के स्पिनरों के लिए एक फेवरेबल स्पॉट बन जाता हैं.
लेकिन इस सब के बावजूद एक तेज गेंदबाज के रूप में गुरजपनीत ने विपरीत परिस्थितियों में अपने कौशल के दम पर प्रतिस्पर्धा में सबसे अलग पहचान बनाई.
गुरजपनीत सिंह ने नेट प्रेक्टिस में भारत के महान क्रिकेटर विराट कोहली को बोल्ड करके सुर्खियां बटोरी थी. इनोसेंट गुरजपनीत सिंह कहते है जब उन्होंने विराट कोहली को बोल्ड किया था तो वे थोड़ा डर गए थे और उनसे नजरें नहीं मिलाई थी. विराट कोहली को नेट्स में बोल्ड करने का फायदा गुरजपनीत सिंह को मिला जिसके दम पर उनको रणजी ट्राफी टीम में शामिल किया गया था.
गुरजपनीत सिंह अक्टूबर 2024 में सुर्ख़ियों में आये जब रणजी ट्रॉफी 2024 में तमिलनाडू की ओर से खेलते हुए अपना फर्स्ट क्लास क्रिकेट डेब्यू किया. उन्होंने अपनी टीम को पहले रणजी ट्राफी मैच में ही जबरदस्त परफोर्मेंस से जीत दिलाई. इस मैच में गुरजपनीत सिंह ने सौराष्ट्र के खिलाफ दूसरी पारी में 22 रन देकर छः विकेट लिए थे. उनकी इस दमदार परफॉरमेंस के लिए अपने डेब्यू मैच में ही गुरजपनीत सिंह को प्लेयर आफ द मैच भी दिया गया था.