अनिल दुजाना का नाम अपराध की दुनिया ने काफी विख्यात था. किन्तु उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार अपराधियों के लिए काल का पर्याय बन चुकी है. इसी कड़ी में 4 मई 2023 का दिन अनिल दुजाना के लिए काल बनकर आया जब एसटीएफ ने मेरठ में बड़ी कार्रवाई करते हुए इस कुख्यात गैंगस्टर को जबरदस्त मुठभेड़ में ढेर कर दिया.
यूपी एसटीएफ (UP STF) अपराधियों और माफियाओं पर जबरदस्त कहर बरपा रही है. असद अहमद के एनकाउंटर के कुछ ही दिनों बाद एसटीएफ को एक और बड़ी कामयाबी हासिल हुई जब उसने मेरठ में कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना को मौत के घाट उतार दिया. दरअसल अनिल दुजाना का नाम यूपी के टॉप माफियाओं की लिस्ट में शामिल था और यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार का महकमे को प्रदेश को माफिया मुक्त बनाने का खुला निर्देश है.
कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना पर न केवल यूपी अपितु कई अन्य राज्यों में भी लगभग 64 केस दर्ज है जो हत्या, रंगदारी, फिरौती आदि से जुड़े हुए थे. मुठभेड़ में मारे जाने से कुछ दिनों पहले ही अनिल दुजाना जेल से छूटा था.
गैंगस्टर अनिल दुजाना को एसटीएफ ने एक एनकाउंटर में मार गिराया, कुख्यात अनिल दुजाना के मेरठ में भोला झाल नामक स्थान पर सक्रिय होने की पक्की जानकारी जब एसटीएफ को मिली तो उसने अनिल दुजाना को चारों ओर से घेर लिया और धर दबोचा. एसटीएफ द्वारा बताया गया कि कुख्यात दुजाना पुलिस पर फायरिंग करते हुए फरार होने की कोशिश कर रहा था. इसी बीच जवाबी कार्यवाही में पुलिस द्वारा चलायी गयी गोली लगने से दुजाना मौके पर ही ढेर हो गया.
गाजियाबाद - नॉएडा क्षेत्र के बादलपुर का रहने वाला अनिल दुजाना, दुजाना गांव में कभी कुख्यात सुंदर नागर उर्फ सुंदर डाकू के नाम से जाना जाता था. अनिल नागर उर्फ अनिल दुजाना के नाम पुलिस रिकॉर्ड में पहला मुक़दमा सन 2002 में गाजियाबाद के कवि नगर थाने में हरबीर पहलवान की हत्या का दर्ज हुआ था. इन्ही दिनों में पास के ही मुजफ्फरनगर जिले के रोहाना में भी एक हत्या के मामले में उसका नाम शामिल रहा था.
1970-80 के दशक में सुंदर उर्फ़ अनिल दुजाना का दिल्ली-एनसीआर एरिया में खौफ रहता था. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तक को अनिल दुजाना ने जान से मारने की धमकी दी थी.