dilip gavit one of the most promising para athletes

दिलीप गावित वन ऑफ़ द मोस्ट प्रॉमिसिंग पैरा एथलीट

दिलीप महादु गावित भारत के वन ऑफ़ द मोस्ट प्रॉमिसिंग पैरा एथलीट हैं और पुरुषों की 400 मीटर टी 46/47 स्पर्धा में भाग लेते हैं. दिलीप गावित ने 2022 एशियाई पैरा खेलो में 400 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर, पेरिस में 2024 पैरालिंपिक खेलों में भारत की ओर से खेलने के लिए क्वालीफाई किया था. 

दिलीप गावित महाराष्ट्र के नासिक के पास के एक छोटे से गाँव तोरण डोंगरी से आते है. दिलीप गावित ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नासिक जिले के ही शहीद भगत सिंह स्कूल से की है. 

किसी दुर्घटना वश दिलीप का दाहिना हाथ कोहनी से कट गया था जिसके कारण इनका प्रारंभिक जीवन बहुत कठिनाइयों से भरा रहा, लेकिन फिर भी दौड़ने के प्रति इनकी इच्छाशक्ति कभी कम नहीं हुई. नासिक में ही एक प्रतियोगिता के दौरान नेशनल कोच वैजनाथ काले की इन पर नजर पड़ी और कोच वैजनाथ काले दिलीप की इस खोज ने दिलीप गावित की इच्छाशक्ति को एक नई उड़ान दी इसके बाद दिलीप के जीवन ने एथलेटिक्स की तरफ रुख किया.    

2019 में, दिलीप पुणे में इण्डिया यूथ गेम्स में महाराष्ट्र की 4 × 400 मीटर रिले का हिस्सा थे और विकलांग होते हुए भी सक्षम एथलीटों को पीछे छोड़ कर अपनी टीम को कांस्य पदक दिलाया था, यह जीत उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण थी तथा उनकी काबिलियत को दर्शाती थी.   

2022 में, दिलीप ने चीन के हांग्जो में एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीता, जो पैरा खेलों में भारत का 100वां पदक भी था.

इसके बाद उन्होंने 2023 में पेरिस विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत की तरफ से खेलने के लिए क्वालीफाई किया.

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