उठो देव बैठो देव, पाटकली चटकाओ देव ।
आषाढ़ में सोए देव, कार्तिक में जागे देव ।।
कोरा कलश मीठा पानी, उठो देव पियो पानी।
हाथ पैर फटकारो देव, उँगलियाँ चटकाओ देव ।।
कुँवारो के ब्याह कराओ देव, ब्याहो के गौने कराओ देव ।
तुम पर फूल चढाए देव, घी का दीपक जलाए देव ।।
आओ देव पधारो देव, तुमको हम मनाये देव ।
जागो इस दुनिया के देव, गन्ने का भोग लगाओ देव ।।
जागो उस दुनिया के देव, सिंगाड़े का भोग लगाओ देव ।
जागो हमारे घर के देव, पूड़ो का भोग लगाओ देव ।।