अनुज चौधरी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर जिले से आते हैं. उनका पूरा नाम अनुज कुमार चौधरी है और उनका जन्म 5 अगस्त 1980 में हुआ था वह एक वह एक रिटायर्ड इंडियन फ्रीस्टाइल रेसलर हैं, जो पुरुषों की लाइट हैवीवेट श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करते थे.
अनुज चौधरी ने कुश्ती में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया हैं. राष्ट्रमंडल खेलों में सन 2002 तथा 2010 में अनुज चौधरी ने सिल्वर मैडल और एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक जीत रखे है. 2004 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भी अनुज चौधरी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके है.
गुरु हनुमान अखाड़े में प्रशिक्षण लेने वाले अनुज चौधरी को खेलों में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार अर्जुन अवार्ड मिल चुका है.
सन 2010 में खेलों से सन्यास लेने के बाद सन 2012 में अर्जुन अवार्डी अनुज चौधरी को खेल कोटे से उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक पद पर नियुक्त किया गया था. जहा पर अपने पद और गरिमा को बढ़ाते हुए अनुज चौधरी ने अपनी ईमानदारी, निडरता और कर्त्तव्य निष्ठा का परिचय दिया है. जिसके लिए वह अक्सर सुर्ख़ियों में बने रहते है.
संभल में पिछले साल हुई हिंसा में जब पुलिस अधिकारी दावा कर रहे थे कि पुलिस ने गोली नहीं चलाई थी, तब चौधरी ने कहा था, 'एक पढ़े-लिखे आदमी को इस तरह के जाहिल मार देंगे. हम कोई पुलिस में मरने के लिए थोड़े ही भर्ती हुए हैं.'
सबसे पहले रामपुर में अपनी तैनाती के दौरान उनकी समाजवादी पार्टी के बड़े नेता आज़म ख़ान से तीखी बहस हुई थी, जिसने उन्हें सुर्ख़ियों में ला दिया था. इस घटना में जब सपा नेता आज़म ख़ान मुरादाबाद कमिश्नर से मिलने जा रहे थे तो, इस दौरान सीओ सिटी के पद पर तैनात अनुज चौधरी ने आजम खान और उनके साथ आये सभी लोगों को अंदर जाने से मना किया था. जिसके जवाब में बत्तमीजी करते हुए आज़म ख़ान ने अनुज चौधरी से कहा कि समाजवादियों ने ही पहलवानों की पहचान की थी और उन्हें अखिलेश यादव का एहसान याद रखना चाहिए.
इस पर हाजिर जवाब अनुज चौधरी ने करारा जवाब देते हुए आजम खान को कहा था कि उन्हें अर्जुन अवॉर्ड मिला है, जो किसी के एहसान से नहीं मिलता है.
फिर सन 2024 में संभल में जब एक शिव मंदिर को क़रीब 46 साल के बाद खोला गया था, तो समाचार एजेंसी एएनआई के एक वीडियो में मंदिर खुलने के बाद सीओ अनुज चौधरी और एसपी ख़ुद इस मंदिर में मौजूद शिवलिंग की सफाई करते दिखाई दिए थे. इसके बाद अनुज चौधरी एक बार फिर चर्चा में तब आए जो वह मंदिर तक निकल रही शोभायात्रा में पुलिस वर्दी में हनुमान जी की गदा लेकर खुद आगे-आगे चल रहे थे.
पहलवान अनुज चौधरी सोशल मीडिया पर भी काफ़ी एक्टिव रहते हैं. इंस्टाग्राम पर उनके लाखों फ़ॉलोवर्स हैं जहां वह अक्सर अपनी वर्दी में रील्स शेयर करते रहते हैं.