आकृति चोपड़ा वाइफ ऑफ़ ब्लिंकिट फाउंडर अलबिंदर ढींडसा और एक्स को-फाउंडर ऑफ़ जोमैटो युवाओं व महिलाओं के लिए बड़ी प्रेरणा स्त्रोत है. अपनी कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और प्रतिभा के बल पर आकृति चोपड़ा ने ज़ोमैटो में एक कर्मचारी के पद से कंपनी के शीर्ष अधिकारी तक का सफर तय किया.
आकृति चोपड़ा का जन्म सन 1988 में गुरुग्राम, हरियाणा में हुआ था. आकृति चोपड़ा की स्कूलिंग दिल्ली पब्लिक स्कूल, आरके पुरम नई दिल्ली से हुई है. जिसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्री राम कॉलेज से फाइनेंस में ग्रेजुएशन की. ग्रेजुएशन करने के बाद, शायद ही आकृति चोपड़ा ने कभी सोचा होगा कि उन्हें भारत की मोस्ट फेमस कंपनियों में से एक जोमैटो के टॉप मैनेजमेंट में पहुंचने का मौका मिलेगा.
ग्रेजुएशन के बाद आकृति चोपड़ा ने टैक्स एंड रेगुलेटरी प्रेक्टिस में एक लेख सहायक के रूप में पीडब्ल्यूसी के साथ अपने प्रोफेशनल करियर का आगाज किया था, जहां उन्होंने लगभग तीन साल तक काम किया था.
फिर सन 2011 में आया आकृति चोपड़ा के जीवन का वो महत्वपूर्ण मोड़ जिसने उन्हें प्रसिद्धि की बुलंदियों पर पंहुचा दिया, क्योंकि 2011 में उन्होंने जोमैटो को ज्वाइन किया था. 2011 में ज़ोमैटो के साथ अपनी प्रोफेशनल यात्रा शुरू करने वाली आकृति चोपड़ा ने यहां अपने 13 साल के लम्बे करियर में कंपनी के विभिन्न पदों पर काम किया.
आकृति चोपड़ा शुरुआत में जोमैटो में वित्त और संचालन की वरिष्ठ प्रबंधक नियुक्त की गयी थी, जिसके बाद उनकी कार्यकुशलता के लिए आकृति को कंपनी में वित्त और संचालन डिपार्टमेन्ट के उपाध्यक्ष सहित समय समय पर विभिन्न प्रमुख पदों पर प्रमोट किया गया. इसी दौरान आकृति चोपड़ा ने ज़ोमैटो के वित्तीय मामलों को स्थापित करने और बढ़ाने में एक बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. जिसके बाद में आकृति कंपनी की सीपीओ और सीएफओ भी बनी साथ ही उन्होंने फ़ूड डिलीवरी ऐप जोमैटो की इन-हाउस गवर्नेंस, कानूनी, जोखिम और अनुपालन टीमों में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया.
अक्टूबर 2020 में चोपड़ा को कंपनी में पीपल डेवलपमेंट हेड के तौर पर अहम पद पर अपॉइंट किया गया था, जिसके महज एक साल बाद 2021 में वह चीफ पीपल ऑफिसर बन गयी थी. सन 2021 में ही फिर आकृति चोपड़ा को कंपनी के सह-संस्थापक के रूप में नॉमिनेट किया गया था और वह ज़ोमैटो की पाँचवीं को-फाउंडर बनी थी. आकृति चोपड़ा को सह-संस्थापक प्रमोट करते हुए ज़ोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने खुद कहा था कि जोमैटो के लिए आकृति की अटूट प्रतिबद्धता है, वह ज़ोमैटो की सपोर्ट में सबसे मजबूत पिलर्स में से एक रही हैं, क्योंकि एक दशक में हमने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं जिसमें वह हमेशा हमारे साथ कड़ी रही है.
आकृति चोपड़ा ने 27 सितम्बर 2024 को ज़ोमैटो में अपने सह-संस्थापक पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. आकृति चोपड़ा ने जोमैटो में लगभग 13 सालो तक एक लंबे कार्यकाल के बाद, चोपड़ा ने कहा था कि जिन्हें वह आगे बढ़ाना चाहती हैं. अपना इस्तीफ़ा जोमैटो फाउंडर दीपिंदर गोयल को ईमेल करते हुए आकृति ने कहा कि उनके पास कंपनी के बाहर कुछ अन्य जिम्मेदारियां और हित भी हैं जिनके लिए कार्य करना है, साथ ही उन्होंने दीपिंदर गोयल को जोमैटो जैसे संगठन में सेवा का अवसर देने के लिए धन्यवाद किया.
आकृति चोपड़ा ब्लिंकिट के फाउंडर अलबिंदर ढींडसा की वाइफ हैं. ब्लिंकिट को सन 2022 में ज़ोमैटो द्वारा अधिग्रहित कर लिया था. इस अधिग्रहण के बाद से ब्लिंकिट के कई शेयरधारकों ने ज़ोमैटो के प्रशासन और वर्किंग पर अपनी आपत्ति जताई थी.
आकृति चोपड़ा से पहले पहले 2023 में गुंजन पाटीदार, 2022 में मोहित गुप्ता, 2021 में गौरव गुप्ता और 2018 में पंकज चड्ढा भी जोमैटो के सह-संस्थापक पद से सेवा निवृत हो चुके है.