2000 ke note se jude reserve bank ke disha nirdesh

2000 के नोट से जुड़े रिजर्व बैंक के दिशा निर्देश

आरबीआई द्वारा 19 मई 2023 को अपनी क्लीन करेंसी पालिसी के अकॉर्डिंग 2000 की करेंसी के बैंक नोटों को पब्लिक डोमेन में चलन से वापस लेने का डिसीजन लिया गया था. जब सन 2016 में नोटबंदी के समय 500 और 1000 के बड़े बैंक नोटों को अचानक से सामान्य संचालन में बंद करने और केवल बैंकों द्वारा वापस लेने का निर्णय लिया गया तो भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था की तत्काल मुद्रा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 2000 ₹ के नए बैंक नोट बनाने का निर्णय लिया गया था. 

जिसके बाद आरबीआई द्वारा, 2000 के नोटों की प्रिंटिंग 2018-19 में ही रोक दी गयी थी, और 2000 के लगभग 89% नोट मार्च 2017 से पहले बनाये जा चुके थे. नोट बंदी के समय, बड़ी करेंसी के नोट बनाना बिलकुल सही डिसीजन था. लेकिन जब सन 2023 में भारत सरकार को लगा कि अब मार्किट में सभी छोटे नोटों की करेंसी सफिशिएंट अमाउंट में आ चुकी है और 500 का नोट बड़ी मात्रा में उपलब्ध है साथ ही यू पी आई और ऑनलाइन करेंसी फ्लो भी काफी अधिक हो चुका है.

तो इस तरह 2000 ₹ के बैंक नोटों को लाने का प्रमुख लक्ष्य पूरा हो गया, ऐसा मानते हुए मई 2023 को आरबीआई द्वारा 2000 के इस नोट को मार्किट सेर्कुलशन से वापस लेने का डिसीजन लिया गया . हालांकि तब 2000 के इन नोटों को लीगल करंसी बना रहने दिया गया था और आरबीआई द्वारा लोगों से इन बैंक नोटों को अपने अकाउंट्स में डिपाजिट कराने के साथ ही किसी भी बैंक की ब्रांच में जाकर अन्य लीगल करेंसी के नोटों के साथ इन्हें चेंज करने की फेसिलिटी दी गयी थी. 

नार्मल सर्क्युलेशन और जनरल पब्लिक की बात की जाये, तो लोग 2000 ₹ मूल्यवर्ग की इस करेंसी का उपयोग करना पसंद नहीं करते थे. जिसके कई कारण थे, जैसे कि इसके पेपर की क्वालटी बहुत कमजोर थी जिसके फटने और पानी लगने से ख़राब होने की काफी अधिक सम्भावना रहती थी. साथ ही इस नोट के बाजार में लोगों को छुट्टे कराने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था क्योंकि करेंसी बड़ी थी और कोई भी व्यक्ति छुट्टे करने में नोट के नकली होने और नोट के फटने जैसे कारणों की वजह से रिस्क नहीं लेना चाहता था. इसके अलावा नोट के कहीं गिर जाने अथवा गुम हो जाने पर काफी लॉस होना भी एक बड़ा रीजन था जिससे लोग इस नोट को पसंद नहीं करते थे.

आरबीआई द्वारा जारी किया गया 2000 रूपये का यह नोट बैंक में डिपॉजिट और एक्सचेंज डेट 7 अक्टूबर 2023 के बाद भी लीगल रखा गया था. आरबीआई का मानना था कि मई 2023 से सितंबर 2023 तक का 4 महीने का समय जनरल पब्लिक के लिए इस नोट को रिटर्न करने के लिए सफिशिएंट टाइम रहेगा. आरबीआई का यह भी मानना था कि इस टाइम पीरियड में वह 2000 के मोस्टली सभी नोटों को बैंक में वापस ले लेगा. 

तब बनाये गए नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपने बैंक खातों में 2000 ₹ के बैंक नोट पहले की तरह ही डिपॉजिट कर सकता था, साथ ही किसी भी बैंक शाखा में अन्य मूल्य वर्ग के बैंक नोट करेंसी के साथ बदल भी सकते हैं. जमा करने के लिए किसी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया था और शुरुआती दौर में जनरल रूल्स और एप्लाइड लीगल प्रोवीजन्स के अंडर आसानी से डिपॉजिट और रिटर्न किया जा सकता था.

साथ ही, सभी भारतीय नागरिकों के लिए 23 मई, 2023 से किसी भी बैंक में एक बार में 20,000 ₹ यानि कि 10 नोटों की लिमिट तक अन्य मूल्यवर्ग के लिए 2000 ₹ के इन बैंक नोटों को बदलने का ऑप्सन दिया गया था. बैंक नोटों को बदलने की यह फैसिलिटी 7 अक्टूबर, 2023 तक सभी बैंकों में उपलब्ध रही थी. इसके अलावा, 23 मई, 2023 से, कोई भी व्यक्ति रिजर्व बैंक आफ इण्डिया के 19 रीजनल आफ़िसिज के रिलेटेड डिपार्टमेंट्स में भी करेंसी एक्सचेंज  की फैसिलिटी का यूज कर सकता था.

जिसके ढाई साल बाद सन 2025 तक 2000 के इन गुलाबी नोटों की लगभग 98 प्रतिशत करंसी बैंकिंग सिस्टम में वापस आ चुकी थी और बाजार में केवल 5,669 करोड़ रुपये मूल्य के नोट ही बचे थे. कानूनी जानकारों और सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट बी. श्रवण्थ शंकर के मुताबिक, नए अपडेट से साल 2026 तक ₹2000 के नोट तकनीकी रूप से लीगल टेंडर यानी वैध मुद्रा तो बने रहे, लेकिन व्यावहारिक रूप से इनका इस्तेमाल करना असंभव कर दिया गया. 2026 तक आते आते न तो ये नोट किसी दुकानदार द्वारा स्वीकार किये जाते थे और न ही ये आम लेन-देन में नजर आते थे. 

RBI के 19 नामित क्षेत्रीय कार्यालयों में जाना होगा, ये ऑफिस दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, लखनऊ और पटना जैसे प्रमुख शहरों में स्थित हैं. इन केंद्रों पर जाकर नोट जमा कर सकते हैं या उन्हें अपने बैंक खाते में क्रेडिट करवा सकते हैं. इसके अलावा, आप भारतीय डाक (India Post) के जरिए भी इन नोटों को RBI के इन विशेष कार्यालयों में भेज सकते हैं.

ये नोट लम्बे समय तक कानूनी रूप से वैध रहे, लेकिन 2026 के करीब आते-आते इनकी स्वीकार्यता शून्य हो गयी. तब विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी थी कि अगर किसी के पास ये नोट हैं, तो इन्हें आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना तुरंत बदल लें. क्योंकि समय के साथ साथ, इन नोटों को बदलने की प्रक्रिया और कठिन होती जाएगी. 

 

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