upsc 2022 kissa toppers ka

यू पी एस सी 2022 किस्सा टॉपर्स का

संघ लोक सेवा आयोग - यू पी एस सी 2022 का विश्लेषण हेडलाइंस हंट द्वारा किया गया जो कुछ इस प्रकार है. 

यूनियन पब्लिक सर्विसज कमीशन परीक्षा भारत की एक प्रतिष्ठित परीक्षा मानी जाती है. संघ लोक सेवा आयोग द्वारा 23 मई 2023 को यू पी एस सी 2022 का रिजल्ट घोषित किया गया जिसमें निम्नलिखित तथ्य प्रमुख रहे.

टॉप 10 में 4 बिहार से :

यूपी और बिहार भारत के पिछड़े प्रदेश कहे जाते है मगर जब बात उच्च बुद्धिमत्ता की परीक्षा की आती है तो सिविल सर्विसेज में हमेशा यूपी बिहार के होनहार परचम फहराते दिखाई देते है और ऐसा ही कुछ 2022 की यू पी एस सी परीक्षा के परिणामों में भी देखने को मिला जिसमे टॉपर इशिता किशोर ही नहीं बल्कि दूसरा नंबर हासिल करने वाली गरिमा लोहिया के साथ दसवीं रैंक हासिल करने वाले राहुल श्रीवास्तव टॉप 10 में शामिल हुए तो टॉप 20 में अररिया के अविनाश कुमार ने सत्रहवीं रैंक हासिल करके स्थान बनाया. 

टॉप 5 में 4 बेटियां :

साथ ही यू पी एस सी 2022 में भारत की बेटियों ने कमाल कर दिया और टॉप 5 में पहले 4 स्थान बेटियों के नाम रहे. इशिता और गरिमा के बाद तीसरे स्थान पर उमा हरित रही तो चौथा स्थान स्मृति मिश्रा ने हासिल करके लड़कियों का दम दिखा दिया.  

कुल 933 उम्मीदवारों का चयन :

सिविल सर्विसेज यूपीएससी 2022 के फाइनल रिजल्ट में कुल 933 उम्मीदवारों को अपॉइंटमेंट के लिए सेलेक्ट किया गया. इनमें से 345 कैंडिडेट्स अनारक्षित, 99 ईडब्ल्यूएस, 263 ओबीसी से, 154 एससी से और 72 उम्मीदवारों का चयन एसटी कैटेगरी से किया गया.

आईएएस पोस्ट के लिए 180 चयनित उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है. साथ ही 178 कैंडिडेट्स की रिजर्व लिस्ट भी बनायीं गयी है. 

यूपीएससी 2022 के टॉप 10 कैंडिडेट्स और उनके रोल नंबर निम्नलिखित है :

1- 5809986 - इशिता किश
2- 1506175 - गरिमा लोहिया
3- 1019872 - उमा हरति एन
4- 0858695 - स्मृति मिश्रा
5- 0906457 - मयूर हजारिका
6- 2409491 - गहना नव्या जेम्स
7- 1802522 - वसीम अहमद भट
8- 0853004 - अनिरुद्ध यादव
9- 3517201 - कनिका गोयल
10- 0205139 - राहुल श्रीवास्तव

आइये जानते है टॉपर्स और उनकी कहानी जिन्हे यूपीएससी 2022 में कुछ विशेष किया और पहचान बनाई 

गरिमा लोहिया :

गरिमा ने यूपीएससी 2022 में दूसरी रैंक हासिल की और टॉपर इशिता किशोर की तरह गरिमा भी बिहार और दिल्ली विश्वविद्यालय ही सम्बंध रखती है. गरिमा बिहार के बक्सर से आती है और दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से ग्रेजुएशन की है. गरिमा ने ग्रेजुएशन करते ही सिविल सर्विसेज  की तैयारी शुरू कर दी थी. गरिमा लोहिया ने बक्सर के वूड स्टॉक स्कूल से स्कूलिंग की. 

यूपीएससी टॉपर बनने से लगभग 4 साल पहले गरिमा ने अपने पिता नारायण प्रसाद लोहिया को खोया था जिसके बाद उनकी हिम्मत टूट चुकी थी. मगर उन्होंने खुद को संभालाते हुए कड़ी मेहनत की और अपने जुझारू व्यक्तित्व से साबित कर दिया कि वह सिविल सेर्विसेज के लिए बिल्कुल परफेक्ट है.

गरिमा ने बक्सर में रहकर ही यूपीएससी की तैयारी की जो बात उनकी विशेषता को और बढ़ा देती है. कोरोना महामारी के चलते वह कोचिंग नहीं ले सकी थी. अतः ऑनलाइन कोर्सेस की हेल्प ली, सेल्फ स्टडी पर अधिक जोर दिया और सामान्य ज्ञान के लिए सोशल साइट्स का बेस्ट यूज किया. 

गरिमा का कहना था कि इस परीक्षा की तैयारी बहुत मुश्किल एवं कठिनाइयों और चुनौतियों से भरी होती है. मगर इसका यह अर्थ नहीं होता कि हम निराश हो जाएं और हार मान लें. जो चीज आपको खुशी देती हो, वह करें, अपने परिवार के साथ रहें और मनोबल को बढ़ाते रहें और हताश न हों. पिता के दुनिया से जाने के बाद अपनी सफलता में गरिमा ने अपनी मां का अद्भुत श्रेय बताया, अब उनके परिवार में मां, भाई और एक बड़ी बहन है. 

राहुल श्रीवास्तव :

टॉप 10 की लिस्ट में तीसरा नाम आता है पटना के राहुल श्रीवास्तव का जिन्होंने दसवां स्थान प्राप्त किया राहुल कहते है बिहार की मिट्टी में मेहनत और जज्बा बसता है. यूपी और बिहार के लोगो की मेहनत करने का जज्बा ही इन्हे बाकी लोगो से अलग करता है. बहुत बड़ा स्कूल या कोई बहुत बड़ा संस्थान ही आपका आपको आगे ले जाता है. अगर आपका लक्ष्य स्पष्ट है तो आखिरकार आप उसे हासिल कर ही लेते हैं. लक्ष्य के प्रति सच्चा समर्पण सबसे अधिक महत्वपूर्ण है और इसके लिए शुरू से ही मेहनत करनी होती है.

स्वाति शर्मा : 

मध्य प्रदेश के सतना जिले की मैहर तहसील के गांव भटनवारा से आने वाली स्वाति शर्मा ने यूपीएससी 2022 की परीक्षा में पंद्रहवीं रैंक हासिल की. मध्यम वर्गीय परिवार से आने वाली स्वाति के पिता मैहर में ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं. चार वर्ष कड़ी मेहनत के बाद स्वाति को अपने तीसरे अटेम्प्ट में सफलता मिली।स्वाति शर्मा की स्कूलिंग जबलपुर से हुई है. जबकि भोपाल के राजीव गांधी प्राेद्यौगिकी विश्वविद्यालय से स्वाति ने इंजीनियरिंग की है. यूपीएससी के लिए स्वाति ने  सोशियोलॉजी को ऑप्शनल सब्जेक्ट लिया था.

स्वाति कहती है कि मां ममता शर्मा ने उनको बहुत सपोर्ट किया, पापा अपने काम की वजह से अक्सर बाहर रहते थे तो मां ही मेरा ख्याल रखती थीं. लास्ट अटेम्प्ट में जब मैं इंटरव्यू क्लीयर नहीं कर पायी थी तो मां ने ही मुझे संभाला था. फोन करके मम्मी ने बोला था कि रोना नहीं है और कड़ी मेहनत करना है. तुम यह कर सकती हो. स्वाति ने बिना कोचिंग के यूपीएससी परीक्षा पास की है, जो काबिले तारीफ़ है. जबलपुर में रहकर ही स्वाति ने तैयारी की और उनको मूवी और डांस देखना काफी पसंद है.

संस्कृति सोमानी :

संस्कृति सोमानी, मध्यप्रदेश के धार जिले की बदनावर तहसील से आती है और यूपीएससी 2022 की परीक्षा में संस्कृति सोमानी ने 49वीं रैक हांसिल की. उनके पिता मनोज सोमानी भारतीय जनता पार्टी से जिलाध्यक्ष है व माता किरण सोमानी हाउस वाइफ है. संस्कृति भी दो साल से सिविल सेर्विसेज की तैयारी कर रही थीं. आईएएस बनने का सपना संजोये संस्कृति ने अपने होमटाउन धार में रहकर ही स्कूलिंग की. फिर उसके बाद कोटा में रहकर स्टडी की. 

संस्कृति का चयन आईआईटी बनारस के लिए भी हो चुका हैं. संस्कृति दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रही थी, और लास्ट अटेम्प्ट में वह चूक गई थीं, मगर 2022 में कड़ी मेहनत से उनन्चासवी रैंक हासिल करने में सफल रही. 

सृष्टि जैन :

सृष्टि जैन जबलपुर में चेरीताल नामक स्थान से आती है. उनके पिता सुजीत जैन है, सृष्टि जैन ने 165वीं रैंक हासिल की है.

साक्षी मिश्रा :

साक्षी मिश्रा शहडोल की रहने वाली है और उन्होंने यूपीएससी 2022 में 299वीं रैंक हासिल की है. साक्षी की मां प्रीति मिश्रा अनूपपुर के केंद्रीय विद्यालय में प्रिंसिपल हैं. 

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